रिमोट तकनीक से लाल आंखें चमकाएगा दस सिरों वाला रावण, रात 8 बजे से आसमान रंगीन आतिशबाजी से होगा रोशन

कोरबा पश्चिम, 20 अक्टूबर। विजयादशमी के पावन अवसर पर कोरबा पश्चिम का ऐतिहासिक लाल मैदान इस बार एक अनूठे और रोमांचक दशहरा उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी के हसदेव ताप विद्युत गृह द्वारा आयोजित इस उत्सव में 120 फीट ऊंचा विशालकाय रावण आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित यह दस सिरों वाला रावण अपनी लाल-लाल आंखों की चमक और गूंजते अट्टहास से दर्शकों को रोमांचित करेगा। वहीं, रात 8 बजे से शुरू होने वाली भव्य आसमानी आतिशबाजी उत्सव की रौनक को और बढ़ाएगी।
तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी दशहरा समिति
लाल मैदान में दशहरा उत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। हसदेव ताप विद्युत गृह, कोरबा पश्चिम के कार्यपालक निदेशक श्री एच.के. सिंह के कुशल मार्गदर्शन में संयंत्र के अधिकारी-कर्मचारी और दशहरा उत्सव समिति के सदस्य आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। विशाल रावण के पुतले के निर्माण से लेकर कार्यक्रम की अन्य व्यवस्थाओं तक, हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि क्षेत्रवासियों को यादगार उत्सव का अनुभव मिल सके।
रिमोट से सक्रिय होगा रावण का रौद्र रूप

120 फिट का तैयार विशालकाय रावण
दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष श्री एम.के. गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष रावण दहन को विशेष तकनीकी आकर्षणों से सुसज्जित किया गया है। लगभग 120 फीट ऊंचा दस सिरों वाला रावण केवल अपने विशाल आकार से ही लोगों को आकर्षित नहीं करेगा, बल्कि विशेष मैकेनिज्म और रिमोट तकनीक के माध्यम से अपनी आंखों को चमकाता तथा जोरदार अट्टहास करता नजर आएगा। रावण के इस अनूठे रूप को देखने के लिए दर्शकों में खास उत्सुकता रहने की उम्मीद है।
रात 8 बजे से आतिशबाजी का आसमानी नजारा
उत्सव की शाम रंग-बिरंगी रोशनी और धमाकेदार आतिशबाजी के नाम रहेगी। समिति के अनुसार, 20 अक्टूबर की रात 8 बजे से भव्य आतिशबाजी शुरू होगी। आसमान में बिखरती रंगीन रोशनी के बीच दशहरा उत्सव का रोमांच अपने चरम पर पहुंचेगा। इसके बाद बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक स्वरूप 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अहंकार, अन्याय और बुराई पर सत्य, सदाचार तथा अच्छाई की विजय का संदेश भी देता है। लाल मैदान में आयोजित यह भव्य समारोह इसी सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत करेगा। दशहरा उत्सव समिति ने क्षेत्र के नागरिकों और परिवारों से कार्यक्रम में शामिल होकर उत्सव की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।
आज लाल मैदान में भव्यता, आधुनिक तकनीक और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा—जहां 120 फीट का रावण, उसकी चमकती आंखें, गूंजता अट्टहास और आसमानी आतिशबाजी दशहरा उत्सव को यादगार बनाने के लिए तैयार हैं।