120 फीट ऊंचा और 200 फीट चौड़ा होगा पंडाल, बांस-मिट्टी और कपड़े से आकार ले रही अनूठी कलाकृति

चाम्पा (सिवनी )।नवरात्रि पर्व को लेकर चाम्पा में इस वर्ष भव्यता के साथ कला और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। शहर के कोरबा रोड, सिवनी क्षेत्र में चाम्पा की महारानी के लिए तैयार किया जा रहा दुर्गा पंडाल अपनी विशाल संरचना और अनूठी कलाकारी के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।
इस बार पंडाल को टेराकोटा थीम पर तैयार किया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि निर्माण में प्लास्टिक जैसी सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। बांस, मिट्टी और कपड़े जैसी प्राकृतिक एवं पारंपरिक सामग्रियों से पंडाल को आकार दिया जा रहा है। इससे जहां भारतीय पारंपरिक कला और शिल्प को बढ़ावा मिलेगा, वहीं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी लोगों तक पहुंचेगा।

पंडाल की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी ऊंचाई करीब 120 फीट और चौड़ाई लगभग 200 फीट होगी। वहीं यहां स्थापित होने वाली मां दुर्गा की प्रतिमा करीब 30 फीट ऊंची होगी। मां दुर्गा के साथ मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की प्रतिमाएं भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
पंडाल को आकर्षक और जीवंत स्वरूप देने के लिए कलाकार एवं कारीगर लगातार मेहनत कर रहे हैं। मिट्टी, बांस और कपड़े से तैयार की जा रही कलाकृतियां पंडाल को पारंपरिक भारतीय कला की विशिष्ट पहचान देंगी। धार्मिक आस्था के साथ लोककला और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश देने वाला यह प्रयास इस बार के नवरात्रि आयोजन को और खास बनाने जा रहा है।
500 रुपये के सहयोग कूपन पर थार-बुलेट समेत कई आकर्षक उपहार
आयोजन में श्रद्धालुओं और नागरिकों के लिए एक और विशेष आकर्षण रखा गया है। 500 रुपये के सहयोग कूपन के माध्यम से विभिन्न आकर्षक उपहार जीतने का अवसर मिलेगा। इनमें थार, बुलेट सहित कई अन्य उपहार शामिल हैं। इस पहल से आयोजन के प्रति लोगों में उत्साह और सहभागिता बढ़ने की उम्मीद है।
चाम्पा की महारानी का यह भव्य पंडाल इस वर्ष केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और भव्यता का अनूठा संगम बनने जा रहा है। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है और यह पंडाल चाम्पा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होने की उम्मीद है।


