चांपा में दोपहर करीब 2.20 बजे हुआ हादसा, गंभीर रूप से झुलसी महिला का बीडीएम अस्पताल में उपचार जारी
जांजगीर-चांपा। चांपा में मंगलवार दोपहर निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहे एक दंपती के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से झुलस गईं। घायल महिला का उपचार शासकीय बीडीएम अस्पताल में जारी है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, महुदा निवासी 50 वर्षीय रामनाथ अपनी पत्नी 45 वर्षीय लता कर्ष के साथ चांपा थाना चौक के पास स्थित एक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहे थे। मंगलवार दोपहर करीब 2.20 बजे काम के दौरान दोनों अचानक ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विद्युत करंट की चपेट में आने के बाद रामनाथ नीचे सड़क पर गिर पड़े, जबकि उनकी पत्नी लता कर्ष भी गंभीर रूप से झुलस गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल दोनों को उपचार के लिए शासकीय बीडीएम अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद रामनाथ को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से झुलसी लता कर्ष का उपचार जारी है।
निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल-
दर्दनाक हादसे के बाद निर्माणाधीन स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के आसपास निर्माण कार्य के दौरान बरती गई सावधानी और सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
बिजली लाइनों के समीप निर्माण कार्य करते समय पर्याप्त सुरक्षित दूरी और आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन किया गया था या नहीं, यह जांच का विषय है। हादसे के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह पुलिस एवं संबंधित जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस ने शुरू की जांच-
घटना की सूचना मिलते ही चांपा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ निर्माण कार्य से जुड़े पहलुओं तथा विद्युत लाइन की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस हादसे के कारणों और उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्य के दौरान विद्युत लाइनों के आसपास सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता को सामने ला दिया है।


