वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में मचा हड़कंप, मामले की जांच शुरू,अधिकारियों ने मांगा जवाब।
जांजगीर-चांपा। जिला पुलिस विभाग से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा में है, जहां एक वर्दीधारी महिला पुलिस आरक्षक से शौचालय एवं कार्यालय परिसर की साफ-सफाई कराए जाने का आरोप सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित पक्षों से जवाब-तलब किया है तथा जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, महिला आरक्षक द्वारा अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें वह पुलिस लाइन कार्यालय परिसर के बाथरूम एवं आसपास के स्थान की साफ-सफाई करती हुई नजर आ रही हैं। महिला आरक्षक का आरोप है कि उन्हें आरआई के दबाव में शौचालय की सफाई करने के लिए मजबूर किया गया।
महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों के मुताबिक, वह पिछले कुछ समय से आरआई प्रदीप जोशी से मुलाकात कर आमद देने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन काम कराने के बाद भी उन्हें ज्वाइनिंग नहीं दिए जाने का आरोप है। इसी दौरान सामने आए सफाई के वीडियो ने पूरे मामले को तूल दे दिया।

वीडियो वायरल होते ही विभाग में मचा हड़कंप-
महिला आरक्षक द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किए जाने के बाद मामला तेजी से सार्वजनिक हुआ। वीडियो में महिला पुलिस वर्दी में कार्यालय परिसर के बाथरूम की साफ-सफाई करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और महिला आरक्षक के लगाए आरोपों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एडिशनल एसपी डॉ. यूलैंडन यार्क ने महिला आरक्षक एवं संबंधित आरआई से जवाब-तलब किया है। अधिकारियों द्वारा पूरे मामले के तथ्यों की जांच की जा रही है।
जांच के बाद दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई-
पुलिस अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मामले की जांच के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक ओर पुलिस विभाग में अनुशासन एवं कार्यसंस्कृति को लेकर लगातार जोर दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों ने विभागीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट से साफ होगी पूरे मामले की तस्वीर-
फिलहाल वायरल वीडियो और महिला आरक्षक के आरोपों के आधार पर विभागीय स्तर पर पड़ताल की जा रही है। अब देखना होगा कि जांच में महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही पाए जाते हैं और इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार कौन है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


