बलौदाबाजार, 17 अक्टूबर/जिले के कसडोल थाना क्षेत्र से एक बेहद ही संवेदनशील और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विवाहित महिला को उसके ही घर में बंधक बनाकर पिछले 7 वर्षों से लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पीड़िता का आरोप है कि उसके पति, दो जेठ और दो देवरों ने मिलकर उसके साथ लंबे समय तक सामूहिक दुष्कर्म और क्रूरता की। किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने महिला हेल्पलाइन 181 पर गुहार लगाई, जिसके बाद प्रशासन और सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया है।
विस्तृत विवरण (Body):
मिली जानकारी के मुताबिक, कसडोल क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता पिछले 7 सालों से नरकीय जीवन जीने को मजबूर थी। उसे एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया था और लगातार उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा था। इस भयानक प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने गुप्त रूप से महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल कर अपनी जान बचाने की भीख मांगी।
सूचना मिलते ही हरकत में आए प्रशासन ने ‘सखी सेंटर’ की मदद से पीड़िता को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया। रेस्क्यू के दौरान महिला की शारीरिक और मानसिक स्थिति अत्यंत गंभीर पाई गई, जिसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए जिला चिकित्सालय बलौदाबाजार में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच:
मामले की गंभीरता को देखते हुए कसडोल थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मुख्य रूप से आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पीड़िता की हालत अभी गंभीर है। जैसे ही उसके स्वास्थ्य में सुधार आता है, उसका विस्तृत बयान दर्ज किया जाएगा। बयान में अन्य आरोपियों (दोनों जेठ और दोनों देवरों) की संलिप्तता और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है।


