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ई मोनीटरिंग नही करने पर सरकार को फटकार

2017-05-21 11:36:12 abhishek
 
 
एनजीटी भोपाल बेंच मे आज जस्टिस दिलिप सिंह एवं एस एस ग्रेयबाल ने विनायक परिहार की याचिका पर सुनवाई करते हुये सरकार को फटकार लगाई ओर ई-मांनिटरिंग  व्यवस्था लगू करने मे देरी करने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है ।
 
आज नर्मदा जी मे अवैध रेत खनन के दो मामलों मे सुनवाई करते हुये न्यायाधिकरण ने अपने ही पिछले आदेशों के क्रियान्वयन पर सरकार से जानना चाहा कि अभी तक नर्मदा मे  अवैध खनन करने वाले पर एफ आई आर क्यों नही की ओर अवैध खनन रोकने के लिये जीपीएस, ई- मानिटरिंग, ई-टीपी आदि लागू करने के पूर्व निर्देशों का पालन क्यों नही हुआ ।
जिसपर सरकारी वकील सचिन वर्मा ने बताया कि अभी ई- मानिटरिंग प्रयोग के तौर पर जबलपुर जिले मे लागू की गयी है ओर उसके साफ्टवेयर मे तकनीकी गड़बड़ी होने के कारण अभी अन्य जिलों मे लागू नही किया गया है,
तथा अवैध खननकर्ताओं पर एफ आई आर की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है । सरकारी वकील ने पूर्व आदेशों के पालन के लिये कुछ ओर समय मागा ।
न्यायाधिकरण ने नर्मदा जी के आठ जिलों मे हो रहे अवैध खननकर्ताओं पर प्रकरणवार की गयी कार्यवाही का विवरण तथा ई-मानिटरिंग व्यवस्था लागू करने की पूर्ण व समयबद्ध कार्ययोजना एक सप्ताह मे प्रस्तुत करने  निर्देश दिये है ।
 
आज की सुनवाई मे याचिकाकर्ता विनायक परिहार ओर उनके अधिवक्ता धर्मवीर शर्मा, विजय साहनी सहित सरकारी वकील सचिन वर्मा, श्रेयश धर्माधिकारी, आदि उपस्थिति रहे । मामले की अगली सुनवाई ४ मई को रखी गयी है ।
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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी जीवन परिचय

2017-03-20 14:30:07 admin

त्रिवेन्द्र सिंह रावत जीवन परिचय :: हालही में 5 राज्यों के चुनाव हुए, जिनमें उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गये हैं| 18 मार्च 2017 यानि शनिवार को इन्होने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली| त्रिवेन्द्र सिंह रावत भारतीय राजनीति में एक दक्षिण पंथी नेता है| ये गढ़वाल के रहने वाले हैं| इन्होने भारतीय राजनीति में दक्षिण पंथी विचारधारा के साथ अपना राजनैतिक सफ़र तय करने की ठानी| ये सन 1979 से सन 2002 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सदस्य रहे| ये भारत की सत्ताधारी पार्टी भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह के क़रीबी रहे, और उन्हीं के ज़रिये ये भारत के तत्ल्कालिक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंचे| लगातार भारतीय राजनीति में सक्रीय रहने की वजह से इनकी साख मजबूत होती गयी| इस साल हुए उत्तराखंड विधानसभा में भी इन्होने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया| ये उत्तराखंड राज्य के नौवें मुख्यमंत्री बने हैं|

 

नाम त्रिवेन्द्र सिंह रावत
जन्म दिसम्बर 1960
जन्म स्थान पुरी गढ़वाल, उत्तराखंड
लम्बाई 175 सेंटीमिटर
वजन 74 किलोग्राम
उम्र 56 वर्ष
राष्ट्रीयता भारतीय
पेशा भारतीय राजनीतिज्ञ
पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP)
पिता का नाम स्वर्गीय प्रताप सिंह
माता का नाम बोछा देवी
पत्नी सुनीता रावत
धर्म हिन्दू
जाति राजपूत
पता S- 3, c-130, डिफेन्स कॉलोनी देहरादून
पसंदीदा किताब श्रीमद्भागवद्गीता

त्रिवेन्द्र सिंह रावत का जन्म उत्तराखंड के गढ़वाल जिले के खैरसेन नामक गाँव में हुआ| ये राजपूत परिवार से सम्बन्ध रखते हैं| ये अपने परिवार के नौवें और सबसे छोटे बेटे हैं| इन्होने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री श्रीनगर के बिरला कैंपस से हासिल की| बिरला कैम्पस हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के अधीन काम करता है| इनके परिवार से कई लोग भारतीय आर्मी में कार्यरत रहे हैं| इनके पिता गढ़वाल राइफल्स में कार्यरत थे| उन्नीस वर्ष की छोटी सी उम्र में ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में जाने लगे और वहाँ के सदस्य बन गये| बचपन गाँव में गुजरने की वजह से इनका मन गाँव की तरफ अधिक झुका रहता है| त्रिवेन्द्र गाँव जाना बहुत पसंद करते हैं|

सन 1979 में रावत ने दक्षिणपंथी विचारधारा की सबसे बड़ी संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सदस्यता ली और सन 1985 में संघ प्रचारक की हैसियत से काम करने लगे| इसके बाद इन्होने भारतीय जनता पार्टी में सदस्यता ली और इनका पैर सक्रिय राजनीति के मैदान में पडा| भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ही रची हुई पार्टी है| इस दौरान वे सन 1993 में भाजपा के आयोजक सचिव हुए और इन्हें भाजपा के सीनियर नेता लालजी टंडन के साथ काम करने का मौक़ा मिला| ये उत्तराखंड आन्दोलन में भी बहुत सक्रीय नज़र आये| उत्तराखंड आन्दोलन उत्तराखंड को उत्तरप्रदेश से हटा कर एक नये राज्य के निर्माण के लिए था| इस आन्दोलन के दौरान इन्हें कई बार गिरफ्तार होना पड़ा| सन 2000 में एक अलग राज्य के निर्माण के बाद इन्हें भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड का पार्टी अध्यक्ष बना दिया|

इस दौरान इन्होंने कई और राजनैतिक गतिविधियाँ दिखाई| इस दौरान इन्होने सन 1989  उत्तरप्रदेश के मेरठ से प्रकाशित राष्ट्रदेव के संपादक के तौर पर काम किया| सन 2002 में इन्होने डोईवाला सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता| इसके बाद ठीक पांच साल बाद इन्होने पुनः इसी सीट से चुनाव लड़ा और फिर विजयी हुए| त्रिवेन्द्र मार्च 2013 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के रूप में नियुक्त हुए| इनकी सक्रियता, इनकी क्षमता और काम करने के तरीक़े को देख कर, इन्हें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने साथ उत्तर प्रदेश के चुनाव के कार्यभार के लिए चुना| सन 2014 में इन्हें ‘न्यू वोटर कैम्पिंग कमिटी’ में अमित शाह, पूनम महाजन और नवज्योत सिंह सिद्धू के साथ रखा गया| इस काम में भी ये बहुत अच्छा करते हुए नज़र आये| सन 2014 में इन्हें झारखण्ड राज्य में भारतीय जनता पार्टी के इन चार्ज के रूप में काम करने का मौक़ा मिला| साथ ही तात्कालिक केन्द्रिय सरकार की एक प्रोजेक्ट ‘नमामि गंगे’, जिसका मूल उद्देश्य गंगा को प्रदुषण मुक्त करना है, में भी इन्हें सदस्य के तौर पर रखा गया|

 

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विश्वयुद्ध के घुमड़ते़ बादल

2016-11-15 17:01:56 admin

Danger of nuclear war illustration with multiple explosionsविश्वयुद्ध के घुमड़ते़ बादल

                           यदि हम अपने मोहल्ले, कस्बे शहर देश की समस्याओं के इतर विश्व में चल रहे घटना क्रमों पर एक विहंगम दृष्टिपात करें एंव घट रही घटनाओं को विश्लेषित करने का प्रयत्न करें तो हम पाऐंगे कि द्वितीय विश्वयुद्ध से  पहले (1933-39) वाली स्थितियों का निर्माण हो रहा है। देशों के समूह बन रहे हैं, एक दूसरे के प्रति अविश्वास की भावना भरती जा रही है, बातचीत के रास्ते हल निकालने की संभावनाएं क्षींण पड़ती जा रही हैं, विश्व संस्थाए जैसे यू.एन. अपनी सार्मथ्य खोती जा रही है, समस्याओं के हल शांतिके स्थान पर युद्ध में खोजे जा रहे हैं।

       द्वितीय विश्वयुद्ध के यदि कारणों को विश्लेषित किया जाए तो हम पाते हैं कि एक तरफ अमेरिका भयानक आर्थिक मंदी (1930 का दशक) के दौर से गुजर रहा था, दूसरी तरफ जर्मनी भी प्रथम विश्वयुद्ध के पश्चात थोपी हुई संधियों यथा पेरिस संधि (1923) एवं उससे होने वाले आर्थिक एंव राष्ट्रीय स्वावलंवन के हरण का दंश झेल रहा था। अपने स्त्रोतों के विकास के लिये जर्मनी अन्य देशों के उन्नत स्त्रोतों की तरफ तक रहा था,ऐसी अवस्था में हिटलर ने यहूदी द्वेष की नकली विचारधारा को हवा दे, जर्मनी के साम्राज्यवादी, धनाढय वर्ग के मिलकर आते राष्ट्रवाद के नारे तले यूरोप मे युद्ध का बिगुल बजा दिया। इस युद्ध का सबसे बड़ा फायदा अमेरिका को मिला जहां युद्ध से अमेरिकी फौजी साजो समान निर्माताओं की पौ-बारह हो गई, अमरिकी  अर्थव्यवस्था पुनः पटरी पर आ गई एंव युद्ध के पश्चात इंग्लैण्ड को तख्तोंताज से उतार अमरीका विश्व की महाशक्ति के रूप में उभरा।

1950 से 2016 तक  अमरिकी साम्राज्यवाद ग्यारह बार अर्थिक मंदी की उलटफेर का शिकार हुआ जिसमे सबसे बड़ी 2008 की आर्थिक मंदी थी! इन सभी आर्थिक मंदियों का समाधान विश्व के अन्य देशों में फैले हुए प्राकृतिक स्त्रोतों पर कब्जा  करने एवं सॉम्यवादी विचारधारा के प्रसार को रोकेने के लिये अनेकानेक कारण ढुंढकर सीधे अथवा परोक्ष युद्धों में फलित हुआ | चाहे वियतानाम युद्ध हो अथवा अफगानिस्तान, ईराक, लीबिया, दक्षिण अमेरिका मे निकारागुआ, चिली आदि सरकारों का तख्ता पलट-सभी के पीछे अमरीकी अर्थव्यवस्था जो कि विशालकाय बहुदेशीय, अर्न्तराष्ट्रीय कारपोरेटों से संचालित होती है उसको ताकत देने के लिए एंव उनके द्वारा विश्व में एक क्षत्र वर्चस्व बनाए रखने की जद्दो जहद का ही हिस्सा है!

        1970 के दशक में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के द्वारा अमरीकी डॉलर का मुल्यांकन सोने से हटाकर पेट्रोलियम के साथ स्थापित कर दिया गया। इस परिवर्तन से समस्त संसार के पेट्रोलियम की खरीदी-बेच डॉलर आधारित व्यवस्था कर दी गई समस्त विश्व के तेल उत्पादक देशों पर कड़ी निगाह कर दी गई जिससे वो देश डॉलर की गिरफ्त से बाहर न जा पायें। सउदी अरब में अमरीकी कठपुतली सरकार स्थापित की गई सद्दाम हुसैन अथवा गद्दाफी जिन भी शासको ने अपने तेल को डॉलर के बाहर किसी अन्य मुद्रा में  बेचने का प्रयास किया उन्हें किसी न किसी बहाने से हटा दिया गया।

           विरोधाभास का र्निमाण रूस एंव चीन, इन उभरती हुई महाशक्तियों ने अमेरिका के इस खेल को पहचाना। चीन ने आर्थिक उन्नति एंव अपने निर्यात को यूरोप एंव अमेरिका में बढ़ाया एवं अमरीकी डॉलरों को खरीद कर (ट्रेजरी बोन्ड खरीद के रास्ते) स्वयं को ताकतवर बनाया, वहीं रूस ने पुतिन के राष्ट्रपति बनने के पश्चात् (2003-आज तक) अपनी परमाणु शक्ति, हवाई एवं थल सैना के आधुनिकीकरण पर विशेष बल दिया। आज की स्थिति में रूस एवं चीन इस अवस्था में है कि वो अमरीका को आर्थिक एंव सैन्य दोनों क्षेत्रो में प्रबल चुनौती दे सकते है।

             अमरीका एंव उसके यूरोपीय मित्र देश जो कि अमरीकी पूंजीवाद एवं अमरीकी विदेश नीति को पूरी तरह से अंगीकार कर चुके है, उन्होंने रूस एवं चीन की बढ़ती ताकत एवं उससे साम्राज्यवादी शक्तियों को होने वाले खतरो को भापा । इसके चलते जहॉं संभव हुआ वहॉं उन देशों का विरोध होने का सिलसिला चल निकला। रूस के उपर यूक्रेन में हस्तक्षेप का बहाना ढूंढ कर व्यापार प्रतिबंधों की बाढ़ लगाई, वहीं दक्षिण चीनी समुद्र पर चीनी वर्चस्वता के खतरे को आधार मानकर जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशियां, आस्ट्रेलिया आदि देशों की मदद से घेराबंदी का कार्य प्रारंभ कर दिया।

           आज के दिन विश्व में इन शक्तियों के खेमे अपने वैचारिक एंव वैश्विक हितो के चलते एक दूसरे के सामने आ खड़े हुये है। कुछ प्रमुख विरोधाभासों को हम निम्नॉंकित रूपों में उल्लिखित कर सकते है |

(क)         धार्मिक विरोधाभासः- यथा शिया-सुन्नी सर्मथक एवं उनको पोषित करने वाले देश जैसे ईरान, सउदी अरब, सऊदी अरब-सीरिया आदि |   (ख)          इस्लाम-पश्चिमी मूल्यः यथा इस्लाम धर्म के मुल्यो की पश्चिम जगत के विकासशील मानव मूल्यों के बीच लड़ाई जिसकी परिणिती यूरोप, रूस आदि में होने वाले आतंकी धमाको में दिखाई देती है |                   (ग)           इस्लाम – इतर इस्लामिक धर्म यथा ईसाई, हिन्दू, बोद्ध धर्म जिसके मूल में एक ईश्वर, निराकार बनाम बहु ईश्वर, बहु प्रतिमा, बहु-सत्य, एवं साकार पूजा के बीच चलने वाला द्वंद है |                            (घ)             पारंपरिक स्त्रोतों के वर्चस्व का द्वंदः- इन स्त्रोतों में उर्जा (पेट्रोलियम एवं गैस) प्रमुख है, एवं इन स्त्रोतों पर कब्जे के लिए पूंजीवादी ताकते नव-साम्राज्यवादी धड़े के साथ मिलकर अन्य विरोधाभासो के तले जैसे धार्मिक विरोधाभास जो उपर बताये गये है अथवा डेमोक्रेसी-डिक्टेटर शिप विरोधाभास आदि इन स्थानो को, देशों को, समुन्द्रों को अपने अधिकार क्षेत्र में लेने के संघर्ष का कारण देखते है |

(च)              इनमें  समाजवाद-साम्राज्यवाद एंव ग्लोबालिजिम-टेरीटोरि येलिज्म प्रमुख है (नवउदारवादी वैश्विक अर्थिक व्यवस्था भौगोलीय क्षैत्रक आर्थिक व्यवस्था) इस विचारधारा अधारित विरोधाभास के मूल में विकास की अवधारणा के कारक तत्व है जिसमें व्यक्तिवाद बनाम साम्यवाद प्रमुख है।

              घुमड़ती घटायेः-   उपरोक्त उल्लेखित समस्त विरोधाभस आज समुचे विश्व में अपने उत्कर्ष में हमारे सामने मौजूद है एंव दो-दो हाथ करने के लिए तत्पर ही नहीं अपितु उद्दत दिखाई देते है विश्व युद्ध के लिए आज केवल एक चिंगारी की दरकार है, वो चिंगारी, कही भी, कभी भी, मानवीय अथवा मशीनी मूल से पैदा हो सकती है। केवल एक चिंगारी एंव समस्त विश्व में उसका फैलाव। कहॉ पैदा हो सकती है वो चिंगारी?                            (क)          सीरिया-यहाँ अमरीका के झंडे तले एक तरफ सउदी अरब तुर्की, इज़राइल, कतर, यूरोपियन देश(इंलैन्ड, फ्रान्स, जर्मनी प्रमुख) एंव आई.एस.आई.एस (जी हां आई.एस.आई.एस यहां सुनो इस्लाम के झंडे तले सउदी अरब द्वारा संचालित एंव पश्चिमी पूंजीवादी देशों द्वारा पोषित है) खड़े है तो दूसरी तरफ रूस, सीरिया, ईरान, हिजबुल्ला की ताकत है। अमरीका एंव रूस में संवाद की संभावनाए क्षीण हो चली है सीरिया की रूस सर्मथित फौज जीत की अग्रसर है और मह सउदी अरब एंव अमरीकी साम्राज्यवाद को कतई मंजूर नहीं है। सीरिया के राष्ट्रपति असद को हटाना उनका घ्येय है। उसके चलते अमरीका-रूस में सीधे लड़ाई की संभावना अपने ज्वलनशील बिन्दू तक आ चुकी है | कोई भी मानवीय अथवा मशीनी मूल युद्ध का कारण प्रदान कर सकती है |         (ख)          दक्षिणी चीन सागर यहां उत्तरी कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने एंव चीन द्वारा दक्षिणी चीन सागर पर अपना अधिपत्य के दावे पर, अमरीका ने दक्षिण कोरिया में मिसाईलें स्थापित कर दी है ,जापान एंव चीन के राजनैतिक एंव कूटनितिक संबंधों में तनाव पैदा होगया है, अमरीकी बैड़े योद्धाभास में जुटे है।एक संदेहास्पद कदम युद्ध की चिंगारी का काम कर सकता है |

(ग)              यूक्रेन यहां रूस के हस्तक्षेप के बहाने, रूस पर अनेकानेक राजनैतिक एंव आर्थिक प्रतिबंध लगा दिये गये है, यूक्रेन की पश्चिम समर्थित पिट्टू सरकार ‘दोनबास क्षेत्र’ में रूस समर्थित विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध करने को तत्पर है जिसके फलस्वरूप रूस एंव यूरोपीय देशों में युद्ध प्रारंभा हो सकता है | (घ)           पाकिस्तान लगभग टूटने की कगार पर खड़ा है, पाकिस्तान देश को पुनः धार्मिक आधार पर एक जुट करने के लिए इस्लाम बनाम हिन्दू अधर्मी की अवधारण के आधार पर युद्ध की स्थिति का निर्माण करने को आतुर है | परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान इस क्षेत्र में परमाणु युद्ध का सबसे बड़ा खतरा है। हमे यह याद रखना होगा कि कोई भी युद्ध अपने क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा | सीरिया युद्ध तुरन्त युक्रेन युद्ध में एंव तत्पश्चात चीन सागर तक फैल जायेगा।

        कोई भी युद्ध विश्व शांति ही नही अपितु समस्त विश्व को परमाणु आग में भस्म कर सकता है। अभी हाल में इस खतरे को भाँपते हुए रूस में परमाणु युद्ध से बचाव की रिहर्सल की गई थी जिसमें चार करोड़ रूस वासियों ने हिस्सा लिया था। यह अभ्यास इंगित करता है कि रूस इस युद्ध की संभावनाओं को लेकर सचेत है। हमे भी इस संभावना को हल्के में नहीं आंकना चाहिए। इस युद्ध में अपने बचाव के रास्ते निकालने के लिये भारत सरकार को सभी नागरिकों को सचैत करने का प्रयास आरंभ कर देना चाहिए। बूरे परिणाम से स्वंय की रक्षा एंव उसका उपाय शांति की सर्वोत्तम दवाई है।

                                लेखक :- श्री व्ही. के शर्मा

                                     रिटायर्ड स्पेशल डायरेक्टर जनरल

                          सेन्ट्रल पी.डब्ल्यू.डी

 

 

 

 

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यु पी के कई प्रमुख शेहेरो के एटीएम अज भी नहीं है नय नोट

2016-11-11 08:47:26 admin

atmप्रधानमंत्री के 500 तथा एक हजार रुपये के नोट बंद करने के फैसले के बाद से दो दिन से मची अफरातफरी आज भी जारी है। बैंकों का दावा था कि आज एटीएम से लोग पैसा निकाल सकेंगे, लेकिन एटीएम आज भी खाली है। उधर बैंकों में लंबी-लंबी कतार लगी होने के कारण लोग काफी परेशान भी हैं।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ के साथ ही बड़े शहरों में लोग बैंकों से पैसा निकालने के लिए काफी परेशान हैं। लखनऊ के साथ ही अन्य बड़े शहरों में आज भी एटीएम में सन्नाटा है। इनमें नोट न होने के कारण यह सभी बेकार पड़े हैं। एटीएम सेवा शुरू न होने के कारण लोग काफी परेशान हैं। पीएम मोदी के 500 व 1000 के नोट बंद होने के दो दिन बाद आज से एटीएम सेवा शुरू होनी थी, लेकिन सुबह से ही जब लोग नजदीकी बैंक के एटीएम पर पहुंचे तो अधिकतर पर ताले लटक रहे थे जबकि अन्य में कैश नहीं था।

लखनऊ में ही हजार से अधिक एटीएम हैं, लेकिन आज भी आठ सौ अधिक बंद पड़े हैं। कानपुर, बरेली, वाराणसी, मेरठ और अन्य जिलों का भी यही हाल हैं। लोगों का कहना है कि हम लोग सुबह से ही एटीएम के बाहर खड़े हैं लेकिन कहीं ताला जड़ा है तो कहीं कैश ही नहीं है। लोगों का कहना है कि आज बस दो हजार ही निकल जाए तो रोजमर्रा की चीजों का जुगाड़ हो जाए।

मेरठ में रानी मील के पास के साथ ही दिल्ली रोड के अधिकांश बैंक में लगे

इलाहाबाद में आज लोग नोटों के लिए दूसरे दिन लाइन में लगे हैं। दावे के विपरीत एटीएम से ट्रांजेक्शन भी शुरू नहीं हो सका था ज्यादातर जगहों पर। रात 12 बजे के बाद एटीएम के शटर गिरे ही रहे। कचहरी रोड पर एसबीआई मुख्य शाखा में सुबह आठ बजे से लाइन लगी है। यहां पर भी अधिकांश एटीएम खाली पड़े हैं। इनमें पैसा नहीं डाला गया है। एसबीआई के साथ ही अन्य बैंकों के एटीएम भी खाली पड़े हैं। एसबीआई मेन ब्रांच के बाहर सुबह से ही लगी भारी भीड़। गोरखपुर और आसपास के जिलों में बैंक खुलने से पहले ही नोट जमा करने के साथ बदलने को लोगों की लंबी कतारें लगी हैं।

मुरादाबाद में काले धन की सफाई के फैसले ने आम आदमी को परशानी में डाल दिया। दो दिन से वह अपने घर, ऑफिस के कामकाज को छोड़कर बैंको के चक्कर काटने में लगा है। आज एटीएम में पैसे आने की सूचना थी। जिसके लिए लोग सुबह से ही एटीएम व बैंक पहुँच गए, लेकिन दस बजे तक बैंक व एटीएम नहीं खुले थे। बस्ती में नोट बदलने के लिए पंजाब नेशनल बैंक भिरिया ऋतुराज पर सुबह 8 बजे से ही ग्राहकों की लंबी लाइन लग गई है। हाथरस में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा व एटीएम खुलने से पहले ही लाइनें लग गई थीं। यहां पर बिजली का बिल जमा करने को बिल काउंटर्स पर लगी लोगों की भीड़। आज रात 12 बजे तक पुराने नोटों से जमा किया जा सकेगा बिल। वाराणसी में भी सुबह से ही बैंक शाखा के बाहर कतार। कानपुर व आसपास के जिलों में आज सुबह से ही बैकों तथा एटीएम के सामने कतार में लग गए लोग। शाखाओं के बाहर भीड़। अभी शाखाओं के चैनल नहीं खुले हैं। कल से ज्यादा भीड़ आज पहुंची है। वाराणसी में विभिन्न बैंक शाखाओं के बाहर सुबह से ही लंबी कतार लगी है, यहां आईसीआईसीआई बैंक की चौक शाखा का सर्वर डाउन पड़ा है। वाराणसी में नोट बदलने के लिए बैंक शाखाओं के बाहर कल से ज्यादा लोग। यहां एटीएम के शटर अभी नहीं उठे। माना जा रहा है यह दोपहर के बाद से काम करेंगे। वहीं जहां तक बैंकों से पैसे निकालने का मामला है तो कई बैंकों में कर्मचारी अभी तक नहीं पहुंचे हैं। वहां भी लम्बी कतारें देखने को मिल रही है।

लोग सरकार के इस कदम का स्वागत तो कर रहे हैं लेकिन इस दुर्व्यवस्था से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में 2000 करोड़ रुपये के नए नोट की डिमांड रखी गई थी लेकिन महज 40 करोड़ ही पहुंचे हैं जिसकी वजह से यह समस्या आ रही है। गौरतलब है आज से लोग अधिकतम 2000 रूपए के नए नोट निकाल सकते हैं। 18 नवम्बर के बाद से यह राशि 4000 होगी।

 

बंद हैं। यहां पर लोग सुबह से ही लाइन में लगे हैं। बैंक की शाखा के बाहर भी बड़ी भीड़ है। यहां सरकारी के साथ ही प्राइवेट बैंक भी टाइम से नहीं खुले हैं। मेरठ घण्टा घर डाक घर के बाहर भी नोट बदलने व लेने वालों की भीड़ लगी है। 

 

 

 

 

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गर्दन में पेंचकस घोप कर की थी प्रहरी रमा शंकर की हत्या,पेचकस हो गया था आरपार

2016-11-10 10:28:35 admin

भोपाल: शहीद प्रहरी रमाशंकर यादव की गरदन पर पीछे से पेंचकस वार किय गया था ; जो उसकि गरदन को भेद कर टेटुये  के पार निकल गया थ | ज़ाहिर है जब उन आरोपियों ने टूथब्रश के प्लास्टिक से चावी बनाई तो उनके पास तो ramashankarनुकीली चीज़ होगी ही | आतंकियों से सुहानुभूति रखने वालो को बता दे की ये आतंकी कोई जेल पिकनिक मनाने नहीं आये थे | आतंक फेलाने जेसे देशद्रोह के आरोपी थे | ये वो शेतान थे जो निहत्थे मासूम लोगो के बिच दहशत फेलाते एवं उनके जान माल के नुकसान के आरोपी थे |

यहाँ यह ज्ञातव्य हो कि चीफ जमादार की पोस्ट खली थी और एक प्रहरी राजू खान वर्षो से चीफ जमादार कार्यालय में प्रहरियो की डियूटी लगाने की ज़िम्मेंदारी निभाराहा है जेल विभाग की ये बहुत बडी विसंगति है समय पर

प्रमोशन न करना या करना तो किसि प्रलोभन वश नियमो को ताक में रख कर जूनियर्स को भी प्रमोशन कर देना |

                               विचारणीय प्रश्न यह है की रमाशंकर यादव से पूर्ण १०-२ रात्रि की ड्यूटी पर कोन थ ? रात्रिकालीन राउंड जेल में तीन बार होता है ; तीनो बार अलग अधिकारी होते है ; पहला दास से बारह के बीच किसका भ्रमणं थ ; दूसरा रात्रि बारह से दो के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन था और उसकि टिप क्या थी ? तीसरा रात्रि दो से चार के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन थ और उसकि टीप क्या थी ? एन अधिकारियो को निलाम्भित किया गया ? |

     उल्लेखनीय बात यह है की रात्रि भ्रमण पुस्तिका दो बजे एवं २.50 पर खेरियत रिपोर्ट दर्ज की है | जबकि २.२५ रात्रि पर प्रहरी रमाशंकर की निर्मम हत्या हुई जिस की पुष्टि पोस्त्मर्तम रिपोर्ट ने की | रात्रि कालीन अधिकारियो की लापरवाही का यहज्वलंत उदाहरण है |

                                    जेल प्रहरियो में नहीं होती है किलर इन्स्तिंत ; अर्थात दुसरे को मारने की इच्छा नहीं उनको हथियार चलाने न ही कोई सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के कोई सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग इन प्रहरियो को दी जाती है |

            अभी अभी तक इन प्रहरियो की भर्ती जेल अधीक्षक  करते थे जिसमे सभी रहका भ्रष्टाचार और दोगुना-चारगुना हो गया थ | पिछली भर्तियो में धांधली के कारण कई अधिकारियो पर जाच बिठाई गई थी | जेल प्रहरी जेल के अंदर बिना हथियार के ड्यूटी देते थे |    

भोपाल: शहीद प्रहरी रमाशंकर यादव की गरदन पर पीछे से पेंचकस वार किय गया था ; जो उसकि गरदन को भेद कर टेटुये  के पार निकल गया थ | ज़ाहिर है जब उन आरोपियों ने टूथब्रश के प्लास्टिक से चावी बनाई तो उनके पास तो नुकीली चीज़ होगी ही | आतंकियों से सुहानुभूति रखने वालो को बता दे की ये आतंकी कोई जेल पिकनिक मनाने नहीं आये थे | आतंक फेलाने जेसे देशद्रोह के आरोपी थे | ये वो शेतान थे जो निहत्थे मासूम लोगो के बिच दहशत फेलाते एवं उनके जान माल के नुकसान के आरोपी थे |

यहाँ यह ज्ञातव्य हो कि चीफ जमादार की पोस्ट खली थी और एक प्रहरी राजू खान वर्षो से चीफ जमादार कार्यालय में प्रहरियो की डियूटी लगाने की ज़िम्मेंदारी निभाराहा है जेल विभाग की ये बहुत बडी विसंगति है समय पर

प्रमोशन न करना या करना तो किसि प्रलोभन वश नियमो को ताक में रख कर जूनियर्स को भी प्रमोशन कर देना |

                               विचारणीय प्रश्न यह है की रमाशंकर यादव से पूर्ण १०-२ रात्रि की ड्यूटी पर कोन थ ? रात्रिकालीन राउंड जेल में तीन बार होता है ; तीनो बार अलग अधिकारी होते है ; पहला दास से बारह के बीच किसका भ्रमणं थ ; दूसरा रात्रि बारह से दो के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन था और उसकि टिप क्या थी ? तीसरा रात्रि दो से चार के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन थ और उसकि टीप क्या थी ? एन अधिकारियो को निलाम्भित किया गया ? |

     उल्लेखनीय बात यह है की रात्रि भ्रमण पुस्तिका दो बजे एवं २.50 पर खेरियत रिपोर्ट दर्ज की है | जबकि २.२५ रात्रि पर प्रहरी रमाशंकर की निर्मम हत्या हुई जिस की पुष्टि पोस्त्मर्तम रिपोर्ट ने की | रात्रि कालीन अधिकारियो की लापरवाही का यहज्वलंत उदाहरण है |

                                    जेल प्रहरियो में नहीं होती है किलर इन्स्तिंत ; अर्थात दुसरे को मारने की इच्छा नहीं उनको हथियार चलाने न ही कोई सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के कोई सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग इन प्रहरियो को दी जाती है |

            अभी अभी तक इन प्रहरियो की भर्ती जेल अधीक्षक  करते थे जिसमे सभी रहका भ्रष्टाचार और दोगुना-चारगुना हो गया थ | पिछली भर्तियो में धांधली के कारण कई अधिकारियो पर जाच बिठाई गई थी | जेल प्रहरी जेल के अंदर बिना हथियार के ड्यूटी देते थे |  

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गर्दन में पेंचकस घोप कर की थी प्रहरी रमा शंकर की हत्या,पेचकस हो गया था आरपार

2016-11-10 05:18:20 admin

भोपाल: शहीद प्रहरी रमाशंकर यादव की गरदन पर पीछे से पेंचकस वार किय गया था ; जो उसकि गरदन को भेद कर टेटुये  के पार निकल गया थ | ज़ाहिर है जब उन आरोपियों ने टूथब्रश के प्लास्टिक से चावी बनाई तो उनके पास तो ramashankarनुकीली चीज़ होगी ही | आतंकियों से सुहानुभूति रखने वालो को बता दे की ये आतंकी कोई जेल पिकनिक मनाने नहीं आये थे | आतंक फेलाने जेसे देशद्रोह के आरोपी थे | ये वो शेतान थे जो निहत्थे मासूम लोगो के बिच दहशत फेलाते एवं उनके जान माल के नुकसान के आरोपी थे |

यहाँ यह ज्ञातव्य हो कि चीफ जमादार की पोस्ट खली थी और एक प्रहरी राजू खान वर्षो से चीफ जमादार कार्यालय में प्रहरियो की डियूटी लगाने की ज़िम्मेंदारी निभाराहा है जेल विभाग की ये बहुत बडी विसंगति है समय पर

प्रमोशन न करना या करना तो किसि प्रलोभन वश नियमो को ताक में रख कर जूनियर्स को भी प्रमोशन कर देना |

                               विचारणीय प्रश्न यह है की रमाशंकर यादव से पूर्ण १०-२ रात्रि की ड्यूटी पर कोन थ ? रात्रिकालीन राउंड जेल में तीन बार होता है ; तीनो बार अलग अधिकारी होते है ; पहला दास से बारह के बीच किसका भ्रमणं थ ; दूसरा रात्रि बारह से दो के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन था और उसकि टिप क्या थी ? तीसरा रात्रि दो से चार के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन थ और उसकि टीप क्या थी ? एन अधिकारियो को निलाम्भित किया गया ? |

     उल्लेखनीय बात यह है की रात्रि भ्रमण पुस्तिका दो बजे एवं २.50 पर खेरियत रिपोर्ट दर्ज की है | जबकि २.२५ रात्रि पर प्रहरी रमाशंकर की निर्मम हत्या हुई जिस की पुष्टि पोस्त्मर्तम रिपोर्ट ने की | रात्रि कालीन अधिकारियो की लापरवाही का यहज्वलंत उदाहरण है |

                                    जेल प्रहरियो में नहीं होती है किलर इन्स्तिंत ; अर्थात दुसरे को मारने की इच्छा नहीं उनको हथियार चलाने न ही कोई सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के कोई सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग इन प्रहरियो को दी जाती है |

            अभी अभी तक इन प्रहरियो की भर्ती जेल अधीक्षक  करते थे जिसमे सभी रहका भ्रष्टाचार और दोगुना-चारगुना हो गया थ | पिछली भर्तियो में धांधली के कारण कई अधिकारियो पर जाच बिठाई गई थी | जेल प्रहरी जेल के अंदर बिना हथियार के ड्यूटी देते थे |    

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यहाँ यह ज्ञातव्य हो कि चीफ जमादार की पोस्ट खली थी और एक प्रहरी राजू खान वर्षो से चीफ जमादार कार्यालय में प्रहरियो की डियूटी लगाने की ज़िम्मेंदारी निभाराहा है जेल विभाग की ये बहुत बडी विसंगति है समय पर

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                               विचारणीय प्रश्न यह है की रमाशंकर यादव से पूर्ण १०-२ रात्रि की ड्यूटी पर कोन थ ? रात्रिकालीन राउंड जेल में तीन बार होता है ; तीनो बार अलग अधिकारी होते है ; पहला दास से बारह के बीच किसका भ्रमणं थ ; दूसरा रात्रि बारह से दो के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन था और उसकि टिप क्या थी ? तीसरा रात्रि दो से चार के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन थ और उसकि टीप क्या थी ? एन अधिकारियो को निलाम्भित किया गया ? |

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                                    जेल प्रहरियो में नहीं होती है किलर इन्स्तिंत ; अर्थात दुसरे को मारने की इच्छा नहीं उनको हथियार चलाने न ही कोई सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के कोई सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग इन प्रहरियो को दी जाती है |

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रामगोपाल ने लिखा पत्र, कहा- विधानसभा नहीं पहुंचेंगे अखिलेश विरोधि

2016-10-23 05:24:56 admin

samajwadiसमाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव के परिवार में चल रही कलह थमने का नाम नहीं ले रही. पार्टी और परिवार पूरी तरह से दो गुटों में बंटा नजर आ रहा है. अब हमले भी आमने-सामने खुलकर हो रहे हैं. शनिवार को सुलह के लिए कई बैठकों का दौर चला, लेकिन नतीजा कुछ निकलकर नहीं आया. अब राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने सपा कार्यकर्ताओं को चिट्ठी लिखकर अखिलेश विरोधियों पर हमला बोला है.

 

इस चिट्ठी में रामगोपाल यादव ने लिखा है कि सुलह की कोशिश अखिलेश की यात्रा रोकने की साजिश है. कार्यकर्ता अखिलेश के साथ जुटें. अखिलेश विरोधी विधानसभा नहीं पहुंच पाएंगे. रामगोपाल ने साथ ही लिखा है कि अखिलेश की यात्रा विरोधियों के गले की फांस बन गई है. मध्यस्थता करने वाले दिग्भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं. जहां अखिलेश हैं, जीत वहीं है.

रामगोपाल की चिट्ठी की अहम बातें
रामगोपाल यादव ने लिखा है कि हम चाहते हैं कि राज्य में समाजवादियों की सरकार बने जबकि वो यानि (शिवपाल और उनके समर्थक) चाहते हैं कि हर हाल में अखिलेश चुनाव हारें. हमारी सोच पॉजिटिव है, जबकि उनकी सोच नेगेटिव है. रामगोपाल ने लिखा है कि अखिलेश के साथ वो लोग हैं, जिन्होंने पार्टी के लिए खून पसीना बहाया है, अपमान सहा है, जबकि उधर के लोग वो हैं, जिन्होने हजारों रुपया कमाया है, व्यभिचार किया है और सत्ता का दुरूपयोग किया है.

पहले मुलायम को लिखी चिट्ठी
रामगोपाल ने इससे पहले मुलायम सिंह को भी एक चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी में लिखा है कि अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर आगे नहीं करना अखिलेश को कमजोर करना होगा. ऐसा करना पार्टी के लिए बड़ा नुकसानदायक साबित हो सकता है. रामगोपाल यादव ने अपने पत्र में आगे लिखा है कि इस समय अखिलेश को आपके मजबूत साथ की जरूरत है. उन्होंने कहा है कि अखिलेश को सीएम चेहरे के तौर पर आगे नहीं करने से कार्यकर्ताओं और पार्टी कैडर में कन्फ्युजन फैलेगा जो हित में नहीं है.

 

 

 

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बीएसएफ के जवान गुरनाम सिंह की शाहदत

2016-10-23 04:59:49 admin

shahid

 

जम्मू: जम्मू-कश्मीर कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कल पाकिस्तानी सैनिकों के हमले में घायल हुए बीएसएफ के जवान गुरनाम सिंह की आज रात मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार 26 साल के इस जांबाज ने यहां के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रात करीब 11:45 बजे अंतिम सांस ली। इसी अस्पताल में कल से उनका उपचार चल रहा था।

गुरनाम कल सुबह घायल हो गए थे जब पाकिस्तानी सैनिकों ने उन्हें निशाना बनाया क्योंकि कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ के बड़े प्रयास को नाकाम करने में उनकी अहम भूमिका रही थी।बीएसएफ ने पाकिस्तानी गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान रेंजर्स के सात लोगों और एक आतंकवादी को मार गिराया था। 

 

गुरनाम सिंह ने जितनी जांबाजी से दुश्मनों का मुकाबला किया उतनी ही बहादुरी से जिंदगी की जंग भी लड़ने की कोशिश की। पाकिस्तानी रेंजर्स की एक गोली गुरनाम के सिर पर लगी थी। 50 घंटों से ज्यादा तक जम्मू के अस्पताल में गुरनाम को बचाने की हर कोशिश की गई लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

 

बीएसएफ के जवान गुरनाम सिंह 19-20 अक्टूबर की रात हीरानगर पोस्ट पर तैनात थे जब पाकिस्तानी घुसपैठियों ने भारत में घुसने की कोशिश की। उन आतंकियों पर गुरनाम सिंह और उनके साथियों की नजर थी। जाबांज गुरनाम ने अपनी राइफल से उन्हें सीधा निशाना बनाया।

गुरनाम सिंह की वजह से पाकिस्तान की साजिश नाकाम हो गई। अपनी हार से बौखलाए पाकिस्तान ने 22 तारीख की सुबह हीरानगर पोस्ट पर फायरिंग की। गुरनाम सिंह तब भी वहीं तैनात थे। उस दिन भी गुरनाम ने पूरी बहादुरी से उस फायरिंग का जवाब दिया। लेकिन इसी दौरान पाकिस्तानी स्नाइपर्स की एक गोली सीधे गुरनाम के सिर पर लगी।

घायल गुरनाम को तुरंत जम्मू के इस अस्पताल में ले जाया गया। खबर मिलते ही जम्मू के ही अर्निया सेक्टर में रहने वाले गुरनाम का परिवार भी यहां पहुंच गया। माता-पिता और पूरा देश गुरनाम की बहादुरी पर फख्र कर रहा था।

 

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चीनी सामान की घटती बिक्री से खिस्याया चीन

2016-10-20 08:50:22 admin

भारतीय कामगार वर्ग मेहनती और कार्यकुशल नहीं'
अखबार का कहना है कि इन्हीं वजहों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया जैसी अव्यावहारिक योजनाएं शुरू की हैं, इसीलिए भारतीय संस्थान चाहते हैं कि विदेशी कंपनियां भारत में निवेश करें. अखबार ने कहा है कि भारत में निर्माण परियोजनाएं शुरू कर वहां निवेश करना चीन की कंपनियों के लिए पूरी तरह से आत्मघाती होगा. भारत का कामगार वर्ग मेहनती और कार्यकुशल नहीं है. लेख में कहा गया है कि भारत में दुकानें खोलने की जगह चीन की कंपनियों को चीन में ही अपनी निर्माण इकाइयां लगानी चाहिए.

'भारतीय कुछ नहीं कर सकते'
स्मार्टफोन बनाने वाली दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी हुआवेई ने पिछले माह ही भारत में अपनी निर्माण इकाई लगाई है. लेख में कहा गया है कि किसी भी हाल में भारतीय व्यापारी चीनी उत्पादों को खरीदने और उन्हें भारत में बेचने के लिए बड़ी संख्या में चीन आते हैं. यह तरीका चीन के अनुकूल है, इसलिए भारत में कारखाने लगाकर पैसा बर्बाद कर इस व्यवस्था को क्यों बिगाड़ा जाए? अखबार ने लिखा है कि भारतीय अधिकारियों को चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटा के बारे में भौंकने दो. मामले की सच्चाई यही है कि वे इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते.

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जे.एन.यू. ::लापता छात्र के लिए हो रहा है बवाल,कुलपति को बना रखा है 21 घंटे से बंधक

2016-10-20 07:13:39 admin

नई दिल्ली। जेएनयू एक बार फिर सुर्खियों में है। एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में पढ़नेवाले छात्र नजीब अहमद के लापता होने पर हंगामा मचा हुआ। 6 दिनों से लापता नजीब की गुमशुदगी को लेकर जेएनयू के छात्रों ने वाइस चांसलर सहित यूनिवर्सिटी प्रशासन के 10 लोगों को बुधवार शाम से बंधक बना रखा है। सभी अब भी एडमिन ब्लॉक में कैद हैं। हालांकि छात्र नेता विश्वविद्यालय के अधिकारियों को बंधक बनाने से इनकार कर रहे हैं।

15 अक्टूबर को नजीब और कुछ छात्रों में झगड़ा हुआ था। आरोप के मुताबिक एबीवीपी के छात्रों ने कुछ बाहरी लोगों के साथ मिलकर नजीब के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि उसी के बाद से छात्र नजीब गायब है। हालांकि एबीवीपी इन आरोपों से इनकार कर रही है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले को लेकर दिल्ली के पुलिस कमिश्नर आलोक वर्मा से बात की है। दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और नजीब को पता बताने वाले के लिए 50 हजार के इनाम का भी ऐलान किया है।

 

पेज।

आज जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर छात्र से वापस लौटने की मांग की। वीसी ने कहा कि पिछले 21 घंटे से हमें बंधक बनाकर रखा गया है। मेरे साथ बीमार लोगों को भी बंधक बनाया गया है। छात्र हमारी बात मानने को तैयार है। छात्र नहीं माने तो एक्शन लिया जाएगा।

हम लोगों ने छात्रों  से बहुत बार बात की और कहा कि नजीब अहमद को ढूंढ़ने के लिए सारे प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस को भी कई लेटर लिख चुके हैं। हमारे लोग लगातार पुलिस के संपर्क में हैं। यूनिवर्सिटी की ओर से हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। हम लोग नजीब अहमद से अपील करते हैं कि वह लौट आएं और अपनी पढ़ाई पूरी करें।

वाइस चांसलर ने कहा कि ये बहुत ही अलोकतांत्रिक काम है। जिन अधिकारियों को यहां कैद किया गया है, उन्होंने कल से कुछ खाया नहीं और लोग फ्लोर पर सोने के लिए मजबूर हैं। हम लोगों ने छात्र को खोजने के लिए जांच बैठा दी है। कल करवाचौथ का फास्ट था और हमारे दो अफसरों की पत्नी आई थीं, पर उनको भी इमारत में आने नहीं दिया गया। अगर बातचीत बेकार जाती है तो पुलिस की मदद लेनी पड़ेगी।

वहीं, जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष मोहित पांडेय ने कहा कि हमने जेएनयू के प्रशासनिक भवन में किसी को अवैध रूप से बंधक नहीं बनाया। बिजली और दूसरी सभी तरह की आपूर्ति जारी है। हमने भीतर खाना भेजा है। दूसरी तरफ, पुलिस विश्वविद्यालय परिसर के बाद बाहर मौजूद है और अंदर दाखिल होने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति का इंतजार कर रही है।

राजनाथ ने की पुलिस से बात

इस पूरे मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खुद दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से बात की है। दिल्ली पुलिस ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए छात्र का पता बताने वाले के लिए 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस ने नजीब अहमद को ढूंढ़ने के लिए बाकायदा पोस्टर भी लगाए हैं।

बताया जा रहा है कि चीफ प्रॉक्टर बड़ी मुश्किल से यहां से निकल पाए। छात्रों में  इस बात का गुस्सा है कि एक छात्र की गुमशुदगी पर जेएनयू प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। जेएनयू का छात्र नजीब 15 अक्टूबर से गायब है। छात्रसंघ के नेता नजीब की गुमशुदगी के लिए एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

क्या है मामला?

दरअसल जेएनयू का छात्र नजीब अहमद 15 अक्टूबर की सुबह से ही गायब है। आरोप है कि 14 अक्टूबर की रात यूनिवर्सिटी के माही मांडवी छात्रावास में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उससे मारपीट की। इस सिलसिले में उसने फोन पर अपनी मां को भी खबर दी थी । लेकिन छात्र की मां जब उसके हॉस्टल पहुंची वो गायब था। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि जेएनयू प्रशासन आरोपी छात्रों के खिलाफ कोई कारर्वाई नहीं कर रहा ।

सवाल ये है कि आखिर पांच दिन से लापता छात्र नजीब गया कहां? यूनिवर्सिटी प्रशासन अब उससे वापस लौटने की अपील क्यों कर रहा है। बहरहाल, इस पूरे मामले को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।

वहीं वीसी जगदीश कुमार का कहना है कि बंधक बनाए गए यूनिवर्सिटी प्रशासन के लोगों में 2 की तबीयत भी बिगड़ रही है जिसमें एक डायबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर के मरीज शामिल हैं। वहीं जेएनयू में एबीवीपी के नेता सौरभ शर्मा का कहना है कि वामपंथी छात्राओं के चलते कैंपस में अराजकता फैली हुई है। सौरभ शर्मा ने आरोप लगाया कि उनको चिट्ठी मिली है जिसमें जान से मारने की धमकी दी गई है।

 

 

 

 

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सूक्ष्म एवं लघु उद्योगो को प्रोत्साहित करने के लिए म.प्र. होगा सबसे आगे|

2016-10-19 13:26:16 admin

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने कहा है कि प्रदेश में खेती के साथ उद्योगों के विकास पर ध्यान देते हुए सूक्ष्म और लघु उद्योगों को संरक्षण और संवर्धन की दिशा में विशेष प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में लघु उद्योगों का नेटवर्क तैयार करने के प्रयासों के जरिये युवा वर्ग स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सुविधाएँ और रियायतें दी जा रही हैं। एम.एस.एम.ई. सेक्टर में ब्याज अनुदान 5 प्रतिशत की दर से अधिकतम वार्षिक राशि रुपये 3 लाख से 5 लाख तक सात वर्ष के लिये मिलेगा। सूक्ष्म और लघु उद्योगों में स्थाई पूँजी निवेश (भूमि और रिहायशी इकाई को छोड़कर) पर 15 प्रतिशत अधिकतम राशि 15 लाख टन निवेश अनुदान और उद्योग स्थापना की तारीख से 5 वर्ष के लिए प्रवेश कर में छूट मिलेगी। राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि मध्यम श्रेणी की इकाई को औद्योगिक परिसर तक बिजली, पानी तथा सड़क विकास में प्रत्येक मद में हुए खर्च का 50 प्रतिशत अधिकतम रुपये एक करोड़ की सहायता मिलेगी।

अन्य सहूलियतें

एम.एस.एम.ई. सेक्टर में वस्त्र उद्योग इकाई को टेक्नॉलाजी अपग्रेडेशन फंड स्कीम में अनुमोदित सयंत्र और मशीनरी में रुपये एक करोड़ तक पात्र निवेश का 10 प्रतिशत अनुदान और टर्म लोन पर उत्पादन की तारीख से पाँच वर्ष तक 2 प्रतिशत के हिसाब से 5 करोड़ की सीमा तक ब्याज अनुदान की पात्रता होगी। ऐसी खाद्य प्र-संस्करण इकाई, जिसमें संयत्र और मशीनरी में न्यूनतम रुपये 50 लाख का निवेश हो, को अधिकतम 50 प्रतिशत या 5 वर्ष के लिए जो भी कम हो, मण्डी शुल्क में छूट मिलेगी। लघु एवं मध्यम उद्यमों को अपशिष्ट प्रबंधन में किये गये निवेश पर 50 प्रतिशत पूँजी अनुदान अधिकतम 25 लाख रुपये तक मिलेगा। नवीन एम.एस.एम.ई. उद्यमियों को केपिटल वेंचर फंड की स्थापना के लिए 100 करोड़ का वेंचर फंड स्थापित किया गया है।

श्रम कानून में छूट

राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि एम.एस.एम.ई. को बढ़ावा देने के लिए श्रम कानूनों को ज्यादा से ज्यादा सरल बनाया गया है। विभिन्न प्रकार के 60 कानून से घटाकर केवल एक रजिस्टर, 13 के स्थान पर 2 रिटर्न्स और सूक्ष्म उद्योगों को 9 श्रम कानून से छूट प्रदान की गई है।

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संघ कार्यकर्ता की म्रत्यु उपरांत बंगलौर लागु धारा 144

2016-10-17 14:07:49 admin

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आरएसएस कार्यकर्ता रुद्रेश की हत्या के बाद तनाव फैला हुआ है। पुलिस प्रशासन ने तनाव को देखते हुए ऐहतियातन शहर के चार थाना क्षेत्रों शिवाजी नगर, फ्रेजर टाउन, कॉमर्शियल स्ट्रीट और भारती नगर में धारा 144 लगा दी है और वहां अतिरिक्‍त पुलिस बलों की तैनाती की है। संघ कार्यकर्ता की हत्या से आरएसएस और बीजेपी के लोगों में आक्रोश है। बीजेपी ने हमले की निंदा करते हुए घटनास्थल पर धरना दिया। पार्टी ने हत्या के विरोध में शिवाजी नगर बंद का भी एलान किया है।

गौरतलब है कि शहर की कामराज रोड पर बाइक सवार दो बदमाशों ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता रुद्रेश की रविवार को हत्या कर दी थी। पुलिस ने कहा कि पेशे से खुदरा व्यापारी 35 वर्षीय रूद्रेश पास ही में आयोजित संघ की बैठक से वापस लौट रहे थे। उसी दौरान बदमाशों ने उन्हें बाइक से गिरा दिया और धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों ने बदमाशों का पीछा किया लेकिन वो भागने में कामयाब रहे। इस घटना के तुरंत बाद रुद्रेश को ब्रोइंग अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आरएसएस नेता की हत्या की खबर आस-पास के इलाकों में फैलते ही दर्जनों आरएसएस कार्यकर्ता कॉमर्शियल रोड पुलिस स्टेशन पर जुट गए। आक्रोशित आरएसएस कार्यकर्ता थाने के बाहर विरोध-प्रदर्शन करने लगे और रुद्रेश के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने कॉमर्शियल रोड को एक घंटे से भी ज्यादे समय तक के लिए जाम कर दिया, जिसकी वजह से यातायात बाधित हो गया। बाद में प्रदर्शनकारी उस जगह पर पहुंचे जहां रुद्रेश की हत्या हुई थी, और धरने पर बैठ गए। अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पिछले सप्ताह भी केरल के कुन्नूर में संघ के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी।

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मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा दर्ज प्रकरण पर इंटरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस

2016-10-17 13:51:32 admin

संभवत: यह न केवल प्रदेश बल्कि देश की पहली घटना होगी, जिसमें वन विभाग द्वारा दर्ज प्रकरण में इंटरपोल द्वारा वन्य-प्राणी अपराध के लिये रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है। वन विभाग द्वारा गठित राज्य-स्तरीय टाइगर स्ट्राइक फोर्स भोपाल ने दुर्लभ वन्य-प्राणी पेंगोलिन एवं बाघ के शिकार एवं अवयवों के अवैध व्यापार में लिप्त अंतर्राष्ट्रीय तस्कर जेई तमांग को अक्टूबर, 2015 में दिल्ली से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ अब तक देश के 10 राज्य से 113 आरोपी को गिरफ्तार कर चुका है, जिनमें दो विदेशी शामिल हैं।

पेंगोलिन और बाघ के अंगों का अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अवैध व्यापार करने वाले जेई तमांग उर्फ पसांग लिमी की जमानत याचिका उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा फरवरी, 2016 में निरस्त कर दी गयी थी। तभी से एसटीएफ (वन्य-प्राणी) द्वारा आरोपी से जुड़े तार खंगाले जा रहे थे और निरंतर तलाशी ली जा रही थी। अपराधी के अंतर्राष्ट्रीय स्तर का होने पर इंटरपोल से भी मदद ली गयी, जिसमें इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।

इंटरपोल एक अंतर्राष्ट्रीय पुलिस संगठन है, जिसका मुख्यालय फ्रांस के लियोन शहर में है। इस संस्था द्वारा किसी देश में घटित अपराध में लिप्त आरोपी, जो उस देश से भाग कर किसी अन्य देश में छुप जाते हैं, का पता लगाने तथा उसे गिरफ्तार करने में मदद करता है। इंटरपोल अपराध की गंभीरता को देखते हुए तथा अपराध प्रकरण की जाँच कर रही संस्था की माँग के अनुसार सात भिन्न-भिन्न प्रकार के नोटिस जारी करता है। जैसे रेड कॉर्नर, यलो कॉर्नर, ब्ल्यू कॉर्नर, ब्लेक कॉर्नर, ग्रीन कॉर्नर, ऑरेंज कॉर्नर, पर्पल कॉर्नर नोटिस। इसमें रेड कॉर्नर नोटिस मुख्य है, जिसे इंटरपोल द्वारा अत्यंत गंभीर प्रकरणों में लिप्त आरोपियों पर कार्यवाही करने के लिये जारी किया जाता है।

एसीएफ श्री रितेश सिरोठिया को इसीलिये मिला है 3 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार

एसटीएफ के प्रभारी सहायक वन संरक्षक श्री रितेश सिरोठिया को गत 3 अक्टूबर को इसी प्रकरण के लिये दक्षिण अफ्रीका के जोहांसबर्ग में प्रतिष्ठित 'क्लार्क आर बाविन वाइल्ड लाइफ एन्फोर्समेंट अवार्ड 2016'' से नवाजा गया है। श्री सिरोठिया वन्य-प्राणी संरक्षण के लिये अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय हैं। श्री सिरोठिया ने गत दो वर्ष में अत्यंत प्रभावी प्रयास करते हुए पेंगोलिन के शिकार एवं शल्कों के व्यापार में लिप्त 10 राज्य के 113 आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायालय में प्रस्तुत किया है।

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अजय देवगन ने ठुकराई करोड़ों की डील, पढ़ें क्यों उठा रहे हैं इतना बड़ा नुकसान

2016-10-16 11:00:10 admin

अजय देवगन ने अपने फैन्स के लिए एक करोड़ो की डील को नो कह दिया है। ये सब अजय के एक फैन की वजह से ही हुआ है। दरअसल जब अजय देवगन ने देश में पाकिस्तानी कलाकारों के बैन को समर्थन करते हुए उनके साथ काम करने से मना कर दिया था तो उनके एक फैन ने ट्विटर पर उनसे एक सवाल किया था। उस ट्विटर यूजर का कहना था कि अगर आपको देशवासियों की इतनी ही चिंता है तो पान मसाले का ऐड क्यों करते हैं। अपने फैन के इस सवाल को अजय ने इतनी गंभीरता से लिया कि उन्होंने फैसला कर लिया कि अब वो अपने फैंस की मर्जी के खिलाफ कुछ भी नहीं करेंगे। इसी के चलते उन्होंने तंबाकू प्रोडक्ट के ऐड को ना करने का फैसला किया।

खबर है कि अजय ने फैसला लिया है कि जिस पान मसाला का ऐड वो करते उस कॉन्ट्रैक्ट को खत्म कर देंगे और इसके बाद इसे दोबारा रिन्यू नहीं करेंगे। बताया जा रहा है कि जिस कंपनी का ऐड अजय कर रहे हैं वह कंपनी अजय के साथ अपने कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू करना चाहती थी। लेकिन अब अजय ने इस कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने का फैसला किया है।

बता दें कि पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने और भारत पाकिस्तान रिश्तों पर अजय देवगन ने अंग्रेजी चैनल सीएनएन 18 से बात करते हुए कहा था कि, “मैंने सुना है लोग कह रहे हैं हमें बात करते रहने चाहिए। पर बात तो चल रही है। यहां हम लोगों से बात कर रहे हैं और वहां वो आपको मारने आ रहे हैं। ऐसे में क्या आप बात जारी रखेंगे। मैं आपकों देखना चाहता हूं कि अगर कोई आपको चेहरे  पर थप्पड़ मारे तो तो आप कहेंगे चलो बात करते हैं। आप का तुरंत रिएक्शन क्या होगा आप बात करेंगे। या पलट कर बदला लेगें।” इसके बाद अजय से बॉलीवुड से कलाकारों से अमन की आशा के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मैं शांति चाहता हूं लेकिन ताली एक हाथ से नहीं बजती।

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‘रिपब्लिकन हिंदू कोअलिशन: ट्रंप ने कहा- हम हिंदुओं से प्यार करते हैं, हम भारत से प्यार करते हैं’

2016-10-16 10:42:54 admin

आतंकवाद से लड़ने और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के संकल्प की हिमायत करने यहां एक धर्मार्थ कार्यक्रम में ट्रंप और बॉलीवुड की हस्तियों के साथ पांच हजार से ज्यादा भारतीय मूल के अमेरिकी शामिल हुए। न्यू जर्सी कन्वेंशन ऐंड एक्सपो सेंटर में ‘रिपब्लिकन हिंदू कोअलिशन’ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में ट्रंप 13 मिनट रहे। उनके आगमन से लोगों ने पहले बॉलीवुड संगीत का लुत्फ लिया और कलाकारों ने अपने जलवे दिखाए। ‘एवीजी ग्रुप ऑफ कंपनीज’ के अध्यक्ष एवं सीईओ शलभ कुमार की ओर से स्थापित ‘रिपब्लिकन हिंदू कोअलिशन’ की अध्यक्षता में आयोजित करीब पांच घंटे के इस कार्यक्रम में वृद्ध और बच्चे समेत पांच हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। ‘आतंकवाद के खिलाफ मानवता’ पर आधारित इस कार्यक्रम में प्रभु देवा, श्रेया शरण और सोफी चौधरी ने अपने जलवे दिखाए।

कार्यक्रम का आरंभ अभिनेता अनुपम खेर के एक वीडियो से हुआ जिसमें उन्होंने अपनी जन्मभूति से भागने के लिए बाध्य कश्मीरी पंडितों की दुर्दशा बयान की है। कार्यक्रम का आयोजन आतंकवाद का निशाना बने कश्मीरी पंडितों और बांग्लादेशी हिंदुओं पर विशेष फोकस के साथ किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत में कुछ ट्रंप विरोधी कार्यक्रम स्थल के बाहर जमा हुए थे। उन्होंने 70 वर्षीय अरबपति ट्रंप के खिलाफ बैनर ले रखा था। भारतीय और भारतीय मूल के अमेरिकी ट्रंप के प्रति समर्पण जताने बड़ी संख्या में आए थे। उनके पास तख्तियां थीं जिनपर ‘ट्रंप अमेरिका को फिर महान बनाएंगे’, ‘हिंदू अमेरिकियों के लिए ट्रंप’, ‘भारत के लिए ट्रंप महान’ और ‘ज्यादा द्रूत ग्रीन कार्ड के लिए ट्रंप’ के नारे लिखे थे।

जैसे ही ट्रंप मंच पर आए पारंपरिक भारतीय लिबासों में आए लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनकी अभिवादन किया। मंच की पृष्ठभूमि अमेरिकी झंडे की थी। ट्रंप के साथ कुमार और उनके पुत्र मंच पर आए। ट्रंप ने अपने भाषण से पहले पारंपरिक भारतीय दीप प्रज्ज्वलित किया। मंच की तरफ बढ़ते हुए ट्रंप ने भी भीड़ का अभिवादन किया। उन्होंने हाथ हिलाए और तालियां बजाईं। मंच से जाने से पहले उन्होंने कहा, ‘हम हिंदुओं से प्यार करते हैं, हम भारत से प्यार करते हैं।’ कार्यक्रम में शामिल होने आए लोग अपनी कुर्सियों से उठ खड़े हुए और मंच क्षेत्र की तरफ भीड़ लगा दी। वह ट्रंप को करीब से देखना चाहते थे और उनकी तस्वीर लेना चाहते थे। ट्रंप ने तकरीबन 13 मिनट तक भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने भारत और अमेरिका को ‘बेहतरीन दोस्त’ बनाने की कसम खाई। जब तक ट्रंप बोलते रहे लोग लगातार तालियां बजाते रहे। एक वीडियो संदेश में सीनेटर न्यूट गिंगरिच ने कुमार को एक ‘अच्छा दोस्त’ बताया जिन्होंने भारत और अमेरिका के ‘बेहतरीन हितों’ के लिए काम किया है। उन्होंने ‘रिपब्लिकन हिंदू कोअलिशन’ को अमेरिका के भविष्य के लिए अहम बताया।

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एक पड़ोसी मुल्क आतंकवाद का मदरशिप है: मोदी जी

2016-10-16 10:22:31 admin

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आर्थिक समृद्धि के लिए सबसे बड़ा और स्पष्ट खतरा आतंकवाद है और ये दुखद है कि इसका 'मदरशिप' भारत का एक पड़ोसी मुल्क है.

भारत के प्रधानमंत्री गोवा में रविवार को ब्रिक्स सम्मेलन में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ ब्रिक्स को एक होकर आवाज़ उठानी होगी.

प्रधामंत्री मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा, "हमारी आर्थिक समृद्धि, सुरक्षा और विकास को सबसे बड़ा ख़तरा आतंकवाद से है. दुखद है कि इसका 'मदरशिप' (यानी जनक) भारत का एक पड़ोसी मुल्क है. दुनिया भर में आतंक के मॉड्यूल इस देश से जुड़े हुए हैं. ये देश केवल आतंकवादियों को शरण ही नहीं देता, बल्कि एक मानसिकता को बढ़ावा देता है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट्स के ज़रिए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'इसी मानसिकता के तहत ये घोषणा की जाती है कि राजनीतिक मकसदों के लिए आतंकवाद के इस्तेमाल को सही ठहराया जा सकता है.

मोदी ने कहा, "हम इस मानसिकता की कड़ी निंदा करते हैं. ब्रिक्स देशों को एकजुट खड़े होकर कार्रवाई करनी चाहिए.

ब्रिक्स (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के नेताओं का दो दिन का सम्मलेन भारत के गोवा में हो रहा है और इन देशों के नेता आपसी कारोबार और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं.

सितंबर में भारत प्रशासित कश्मीर के उड़ी में भारतीय सैन्य शिविर पर चरमपंथी हमले के बाद से भारत पाकिस्तान को इसका दोषी ठहरा रहा है और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसकी चर्चा कर रहा है.

पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने जांच कराने से भी पहले पाकिस्तान पर आरोप लगाने शुरू कर दिए. पलटवार करते हुए पाकिस्तान कह चुका कहा कि भारत प्रशासित कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति से ध्यान हटाने के लिए ऐसा कर रहा है.

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शौर्य स्मारक को गरिमा देने आ रहे है मोदी जी

2016-10-14 10:06:51 admin

भोपाल।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपरान्ह मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचकर तीन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रमों से जुडी तैयारियां पूर्ण कर ली गयी हैं और सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार श्री मोदी अपरान्ह दिल्ली से विशेष विमान से रवाना होकर लगभग चार बजे यहां राजा भोज हवाईअड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद वह यहां लाल परेड मैदार पर आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन और शौर्य सम्मान सभा को संबोधित करेंगे।

 मोदी लगभग साढे पांच बजे लाल परेड मैदान से पांच किलोमीटर दूर स्थित हबीबगंज जैन मंदिर पहुंचेंगे। सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री जैन मंदिर परिसर में जैन धर्मावलंबियों के बीच खासा प्रभाव रखने वाले दिगंबर जैन संत आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के दर्शन कर उनसे आशीर्वाद ग्रहण करेंगे।

इस दौरान दोनों के मध्य अकेले में भी कुछ मिनटों की मुलाकात संभव है। सत्तर वर्षीय जैन संत आचार्यश्री विद्यासागर महाराज अपने संघ के लगभग 38 दिगंबर मुनियों के साथ चातुर्मास कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद श्री मोदी यहां देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों और शहीदों की स्मृति में बनाए गए शौर्य स्मारक का लोकार्पण करेंगे।

लगभग चौदह एकड क्षेत्र में फैले इस भव्य स्मारक का निर्माण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर राज्य सरकार ने कराया है। लोकार्पण कार्यक्रम के बाद  मोदी वापस हवाईअड्डा पहुंचकर अपने अगले गंतव्य की ओर रवाना हो जाएंगे। इसके पहले मुख्यमंत्री चौहान सुबह हबीबगंज जैन मंदिर पहुंचे और उन्होंने कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के साथ ही आचार्यश्री विद्यासागर से मुलाकात की। पुलिस ने तीनों कार्यक्रम स्थलों को अपने कब्जे में ले लिया है। 

 

 

 

 

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इस दिवाली भारत में थम गया चाइना का व्यापार|

2016-10-14 09:16:46 admin

देशवासियों से चीनी सामानों के बहिष्कार की अपील का असर दिवाली की बिक्री पर पड़ रहा है। यह कहना है पुरानी दिल्ली के विभिन्न बाजारों के कारोबारियों का। उड़ी अटैक के बाद पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा होने पर चीन के विरोध में सोशल मीडिया पर चीनी सामान नहीं खरीदने की लगातार अपील की जा रही है। कुछ नेताओं ने भी देशवासियों से सिर्फ भारतीय सामान खरीदने की अपील की है।

पुरानी दिल्ली के व्यापारी इस अभियान से जुड़ी भावना से सहमत हैं, लेकिन उनका कहना है कि इससे उन्हें भारी नुकसान होगा क्योंकि हजारों व्यापारियों और दुकानदारों ने पिछले चार महीनों में लाखों रुपये के चीनी सामान मंगवा रखे हैं। लाजपत राय मार्केट के एक दुकानदार कहते हैं, 'इन (चीनी) प्रॉडक्ट्स पर लोगों ने बहुत पैसा लगाया है। कोई निर्णय लेने से पहले नेताओं को हमारे नुकसान का भी ध्यान रखना चाहिए। भारत में चीनी सामानों को रोकने की कोई योजना सही नहीं है क्योंकि हमारे पास ऐसे प्रॉडक्ट्स बनाने के इन्फ्रास्ट्रक्चर अभी नहीं हैं।'

जलती-बुझती रहने वाली छोटी-छोटी लाइटें (फेयरी लाइट्स), साज-सज्जा के सामान और मूर्तियों समेत दिवाली पर बिकने वाले कई प्रॉडक्ट्स के मामले में पिछले कुछ सालों से चीनी कंपनियों का करीब-करीब एकाधिकार हो गया है। सोशल मीडिया में इस दिवाली पर चीनी सामान नहीं खरीदने की अपील का अभियान छिड़ा हुआ है। इनमें बताया जा रहा है कि बहिष्कार से दोहरा फायदा होगा। एक तो चीन की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा और दूसरे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, कई लोग इस तर्क से सहमत नहीं हैं। पुरानी दिल्ली के कुछ दुकानदारो का मानना है कि जो भारत के खिलाफ है, उसके प्रॉडक्ट्स का बायकॉट होना चाहिए। लेकिन, अब बायकॉट से सेल्स प्रभावित होंगी।

राजकुमार के मुताबिक, सरकार को आयातकों को चीन से प्रॉडक्ट्स खरीदने से रोकना करना चाहिए, ना कि खुदरा बिक्री पर पाबंदी लगानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर वह इसे (चीनी सामानों की बिक्री) रोकना चाहते हैं तो उन्हें दिवाली से पहले हमें परेशान करने की जगह आयातकों को ही प्रॉडक्ट खरीदने से रोक देना चाहिए।' दुकानदारों का कहना है कि बाजारों में चीनी सामानों की भरमार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियां भी चीन में ही बनी मिलती हैं। फेयरी लाइट्स और एलईडी के कारोबारी मनोज कटारिया अब तक की बिक्री से बहुत दुखी हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे खराब बिजनस के लिए नेता जिम्मेदार हैं। बहुत कम ग्राहक आ रहे हैं और हमारे लिए यह साल बुरा साबित होने का डर है।' उन्होंने कहा कि अगर ये प्रॉडक्ट्स भारत में ही आसानी से उपलब्ध होने लगें तो दुकानदार भी चीनी सामानों के बहिष्कार अभियान का साथ देंगे।

हालांकि, कुछ व्यापारी ऐसे भी हैं जो इस अभियान का साथ दे रहे हैं। भागीरथ पैलेस मार्केट में मेक इन इंडिया के नाम से दुकान चला रहे रवि कुमार कहते हैं, 'हमारे सभी प्रॉडक्ट्स भारत में बने हुए हैं जिससे स्थानीय कामगारों को रोजगार मिल रहा है।' लेकिन, कई दूसरे दुकानदार और खासकर चावड़ी बाजार के दुकानदारों का मानना है कि चीनी सामानों की बिक्री रोकने से 2 से 3 लाख परिवारों की आमदनी का जरिया खत्म हो जाएगा। पटाखों का होलसेल बाजार दरीबा कलां के ज्यादातर दुकानदार पोस्टर लगा रखे हैं जिनमें कहा गया है कि वे चीनी सामान नहीं बेचेंगे। इलाके के एक दुकानदार कुंवर मनूचा ने कहा, 'वे (चीनी प्रॉडक्ट्स) पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं और उनसे सेहत को बड़ा खतरा हो सकता है।' उन्होंने कहा कि चीन के पटाखों पर पाबंदी के बावजूद सड़क किनारे चीन के सामान पाए जा रहे हैं जहां कई हॉकर्स अवैध बिक्री कर रहे हैं।

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किसानों की समस्याएँ सुलझाने के लिए मध्य प्रदेश हो रही सिंचाई बैठकें

2016-10-14 07:44:21 admin

रबी सिंचाई 2016-17 के लिए जल उपभोक्ता संथाओं के अध्यक्षों और सक्षम अधिकारियों की आज प्रदेश स्तर पर विशेष बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में आगामी रबी सिंचाई के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए रूप रेखा तय की गई और नहरों के संचालन की बाधाओं और उन्हें दूर किए जाने के लिए आवश्यक कार्यों को चिन्हित किया गया। इन बैठकों का विस्तृत ब्यौरा संकलित कर शासन स्तर से भी आवश्यक कदम उठाये जाएंगे।

जल संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निर्देशानुसार 14 एवं 15 अक्टूबर को समस्त विभागीय अधिकारी नहरों का अवलोकन करेंगे। नहरों के आवश्यक कार्यों के लिए संबंधित यंत्री प्राक्कलन तैयार करेंगे। कार्यपालन यंत्री द्वारा इन्हें प्रमुख अभियंता कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा। जल उपभोक्ता संथाओं को उपलब्ध करवाई गई राशि से नहरों के जो सुधार कार्य पूर्ण हो सकते हैं, उनको तत्काल प्रारंभ किया जाएगा। यह सभी कार्य इसी माह पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि किसानों को रबी सिंचाई के लिए सुचारू से पानी उपलब्ध करवाया जा सके।

बैठकों के क्रम में आज मैदानी अधिकारियों ने अपने कार्य क्षेत्र में बैठकें करवाईं। जिला पंचायत हरदा के सभा गृह में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में जल संसाधन विमाग के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि हरदा जिले में तवा बाँयी मुख्य नहर प्रणाली से रबी सिंचाई के लिए तवा बाँध से 28 अक्टूबर को पानी छोड़ा जाएगा ताकि जिले की नहरों में एक नवंबर से सिंचाई के लिए जल-प्रवाह उपलब्ध हो सके। माचक उप नहर से सिंचाई लक्ष्य को देखते हुए हरदा जिले को तवा बाँयी मुख्य नहर की चेन क्रं. 3008 पर निरंतर आवश्यक जल-प्रवाह उपलब्ध करवाया जाएगा। इस वर्ष हरदा जिले में तवा बाँयी मुख्य नहर प्रणाली से (हंडिया शाखा नहर सहित) 100632 हेक्टेयर तथा खिरकिया विकास खंड में निर्मित 3 लघु सिंचाई तालाब से 2775 हेक्टेयर इस प्रकार कुल 103407 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। सीधी में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि जल उपभोक्ता संथाओं की बैठक में जल उपभोक्ता संथा के समस्त अध्यक्ष, अनुविभागीय अधिकारी, उप यंत्री बैठक में उपस्थित हुए।मध्यम परियोजना के अनुविभागीय अधिकारी, प्राधिकृत अधिकारी एवं अध्यक्षों के साथ अधीक्षण यंत्री की अध्यक्षता में बैठक मण्डल कार्यालय पड़रा में हुई।

छिंदवाड़ा में बैठक में जिले के जलाशयों में जल भराव क्षमता के अनुरूप रबी सिंचाई के लक्ष्य निर्धारण के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विधायक पं.रमेश दुबे और श्री सोहनलाल वाल्मीक, समिति के सचिव, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन और संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में निर्णय लिया गया कि नहरों की साफ-सफाई की जाय जिससे पानी सुगमता से प्रवाहित हो और नहरों से रिसाव न हो। इस संबंध में संबंधित समितियों को 14 अक्टूबर से ही नहरों की सफाई का कार्य शुरू करने के निर्देश दिये गये। बैठक में सिंचाई का आकलन कर बोवनी करने का भी निर्णय लिया गया जिससे पर्याप्त सिंचाई जल उपलब्ध हो सके। रबी सिंचाई में आई दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। प्रमुख रूप से पिछले कार्यों के भुगतान, पुलिया निर्माण और किसानों की अन्य समस्याओं पर चर्चा हुई।

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सरकार और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बीच हो सकता है :: तलाक पर विवाद

2016-10-13 15:57:49 admin

ऑल इंडियन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और देश के कुछ दूसरे प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने आज समान अचार संहिता पर विधि आयोग की प्रश्नावली का बहिष्कार करने का फैसला किया और सरकार पर उनके समुदाय के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया। यहां प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुस्लिम संगठनों ने दावा किया कि यदि समान आचार संहिता को लागू कर दिया जाता है तो यह सभी लोगों को एक रंग में रंग देने जैसा होगा, जो देश के बहुलतावाद और विविधता के लिए खतरनाक होगा।

पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव वली रहमानी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी, ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के प्रमुख मंजूर आलम, जमात-ए-इस्लामी हिंद के पदाधिकारी मोहम्मद जफर, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारूकी और कुछ अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने तीन तलाक और समान आचार संहिता के मुददे पर सरकार को घेरा। एक साथ तीन तलाक के मुददे पर सरकार के रूख को खारिज करते हुए इन संगठनों ने दावा किया कि उनके समुदाय में अन्य समुदायों की तुलना में, खासतौर पर हिंदू समुदाय की तुलना में तलाक के मामले कहीं कम हैं।

रहमानी ने कहा कि बोर्ड और दूसरे मुस्लिम संगठन इन मुददों पर मुस्लिम समुदाय को जागरूक करने के लिए पूरे देश में अभियान चलाएंगे और इसकी शुरूआत लखनउ से होगी। उन्होंने कहा, विधि आयोग का कहना है कि समाज के निचले तबके के खिलाफ भेदभाव को दूर करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है, जबकि यह हकीकत नहीं है। यह कोशिश पूरे देश को एक रंग में रंगने की है जो देश की बहुलतावाद और विविधता के लिए खतरनाक है। रहमानी ने कहा, सरकार अपनी नाकामियों से लोगों का ध्यान भड़काने की कोशिश में है। मुक्षे यह कहना पड़ रहा है कि वह इस समुदाय के खिलाफ युद्ध छेड़ना चाहती है। हम उसकी कोशिश का पुरजोर विरोध करेंगे। बोर्ड के पदाधिकारियों यह माना कि पर्सनल लॉ में कुछ खामियां हैं और उनको दूर किया जा रहा है। जमीयत प्रमुख अरशद मदनी ने कहा, देश के सामने कई बड़ी चुनौयिां हैं। सीमा पर तनाव है। निदार्ेष लोगों की हत्याएं हो रही हैं। सरकार को समान आचार संहिता पर लोगों की राय लेने की बजाय, इन चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए।

यह पूछे जाने पर कि मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने ही एक साथ तीन तलाक के मुददे पर पर्सनल लॉ बोर्ड के रूख का विरोध किया है तो रहमानी ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का पूरा हक हासिल है। गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने एक साथ तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह के मुददे पर उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर कर बोर्ड के रूख का विरोध किया और कहा कि ये प्रथा इस्लाम में अनिवार्य नहीं हैं। बोर्ड की महिला सदस्य असमा जेहरा ने कहा, पर्सनल लॉ में किसी सुधार की जरूरत नहीं है। एक साथ तीन तलाक कोई बड़ा मुददा नहीं है और समान आचार संहिता थोपने की दिशा में सरकार का कदम लोगों की धार्मिक आजादी को छीनना है। यही वजह है कि हम लोग संघर्ष कर रहे हैं। विधि आयोग ने सात अक्तूबर को जनता से राय मांगी कि क्या तीन तलाक की प्रथा को खत्म किया जाए और देश में समान आचार संहिता लागू की जाए|

 

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