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State Special

सिंहस्थ स्पेशल

2016-04-20 06:00:49 admin

 

simhasth-2016-peshwai

पेशवाई

अग्नि अखाडा : सुबह १० बजे : देवास गेट सख्याराजे धर्मशाला से मेला छावनी तक

बाडा उदासीन : सुबह १० बजे : शिवाजी पार्क अलखधाम से मेला छावनी तक

फ्री बीके राइड कर सकेंगे 

सिंहस्थ में पहली बार धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए फ्री बीके सर्विस "बिके फॉर राइड " संस्था उपलब्ध कराएगी | कुछ युवाओ द्वारा इस सेवा से प्रमुख मंदिर , दत्त अखाडा जोन , महाकाल जोन , मंगल नाथ जोन, काल भेरव जोन जोड़े जायेगे |

आरोप, प्रत्यारोप, शिकायतें एवं समाचार कृपया इस ईमेल samacharyug@gmail.com पर भेजें। यदि आप अपना SYC-Logo-300x1301नाम गोपनीय रखना चाहते हैं तो कृपया स्पष्ट उल्लेख करें। आप हमें 8989210490 पर whatsapp भी कर सकते हैं। अपनी प्रतिक्रियाएं कृपया नीचे दर्ज करें।

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नक्सली हमले में शहीद के परिवार से अंतिम संस्कार के पैसे मांगे वापस

2015-04-15 07:14:15 admin
shahidरायपुर. नक्सली हमले में जवान शहीद, सड़क से लेकर सरकार गमगीन। करारा जवाब दिया जाएगा, कायराना हरकत, परिजनों को लाखों की सहायता, सलामी, अंतिम संस्कार में शामिल हुए मंत्री। कुछ ऐसी ही लाइनें पढ़ने और सुनने को मिलती हैं जब एक जवान शहीद होता है। लेकिन श्रद्धांजलि और सम्मान के इस पूरे नाटक के बाद उसी शहीद के घर अंतिम संस्कार में खर्च हुए वेलफेयर के पैसे वापस लौटाने का पत्र भेज दिया जाता है। गरियाबंद रक्षित केंद्र से 2011 में शहीद हुए एक जवान के भाई को पत्र लिखा गया है जिसमें अंतिम संस्कार के लिए दिए गए 10000 वापस लौटाने की मांग की गई। इस मामले में सरकार की किरकिरी हुई तो बुधवार की सुबह बीजापुर से वापस लौटते ही सीएम रमन सिंह ने मुख्य सचिव विवेक ढांड और डीजीपी एएन उपाध्याय को तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा। जिस अधिकारी ने पत्र जारी किया था उसे सस्पेंड कर दिया गया है, साथ ही गरियाबंद पुलिस अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
 
मामला मीडिया में आने के बाद मंगलवार की देर रात डीजीपी एएन उपाध्याय ने नोटिस वापस लेने के निर्देश दे दिए थे। गौरतलब है कि रक्षित केंद्र गरियाबंद से रक्षित निरीक्षक नितेश द्विवेदी द्वारा 23 मई 2011 में नक्सली हमले में शहीद हुए एसपीओ किशोर पांडे के भाई कौशल पांडे को पत्र लिखा गया था। 12 अप्रैल को जारी इस पत्र का विषय है, 'शहीद एसपीओ किशोर पांडे के अंतिम संस्कार हेतु वेलफेयर फंड से प्रदाय अग्रिम राशि की वापसी बाबत।'


पत्र में लिखा गया कि शहीद के कफन-दफन हेतु वेलफेयर फंड से उनके परिवार को 10000 रुपए दिए गए थे। ये पैसे उनके द्वारा अभी तक वापस नहीं किए गए हैं, इसके लिए 8 जून 2014 को पत्र जारी किया गया था लेकिन परिवार के द्वारा पैसे नहीं जमा किए गए। पत्र में जल्द से जल्द पैसे जमा कराने की बात लिखी गई है। पत्र की एक कॉपी गरियाबंद एसपी को भी भेजी गई है।
 
क्या है नियम
नियम के अनुसार वेलफेयर फंड अशासकीय निधि है जो पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों को इमरजेंसी में प्रदान की जाती है। किसी जवान की शहादत के बाद यदि उसके परिजनों को सहायता राशि और अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है तो उसके बाद वेलफेयर निधि से दिए गए पैसे वापस ले लिए जाते हैं। पर सवाल ये उठ रहा है यदि पैसे वापस लेने ही थे तो सहायता राशि के रूप में दिए 5 लाख में से काट लेते या फिर अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने के बाद शहीद के भाई के वेतन से काट लिए जाते।
 
हां, मुझे नौकरी व पैसा मिला था: मुझे पत्र मिला है। 5 लाख रुपए और नौकरी भी मिली है। अंतिम संस्कार के लिए जो राशि मिली थी, उसे वापस नहीं किया है। इसकी मुझे जानकारी नहीं थी। मां कलावती पाण्डेय को है, क्योंकि यह राशि उन्हें दी गई थी।-कौशल पाण्डेय, शहीद एसपीओ के भाई
 
गलत कुछ नहीं: आरआई
 
शासकीय नियम के तहत पत्र जारी किया है। अशासकीय निधि मे राशि वापस लेने का प्रावधान है। शहीद एसपीओ के परिवार को पुनर्वास नीति के तहत 5 लाख रुपए और उसके भाई कौशल पाण्डेय को नौकरी दी जा चुकी है
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मुरादाबाद के इमलाक गांव में बिछी बीस साल बाद बिजली की लाइन

2015-01-17 05:51:39 admin

इमलाक गांव के लोगों का दर्द शुक्रवार को कुछ कम हो गया। हिन्दुस्तान ने गांव को बिजली की रोशनी से जगमग करने के लिए मुहिम शुरू की हुई है। बिजली विभाग ने शुक्रवार को फिर से लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है। दोपहर बाद गांव पहुंचे बिजली कर्मचारियों ने दो दिन से छोड़ा अधूरा कार्य पूरा करना शुरू कर दिया। इसके बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। 

पिछले बीस साल से अंधेरे की जिन्दगी गुजार रहे इमलाक गांव के लोगों का दर्द हिन्दुस्तान ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। 12 जनवरी के अंक में खबर देखने के बाद बिजली विभाग नींद से जागा और काम शुरू करा दिया imagesगया। एक दिन बाद ही इतने दिन से बिजली गायब रहने की जांच कराने के नाम पर तार बिछाने का कार्य रोक दिया गया। इतना ही नहीं गांव के लोगों ने जब काम रोके जाने की जानकारी की तो बिजली विभाग के लोगों ने उन्हें उल्टा जवाब दिया। 

अवर अभियंता और गांव के एक युवक के साथ हुई बातचीत को भी हिन्दुस्तान में प्रकाशित किया गया। इसके बाद बिजली विभाग ने शुक्रवार को दोबारा काम शुरू कराया। कर्मचारियों ने दोपहर से देर शाम तक गांव के ट्रांसफार्मर तक तार जोड़ दिए। तार जुड़ने की खबर के बाद गांव के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई और वह खेतों से आकर गांव की गलियों में जुट गए। गांव के लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।

अभी भी जांच पर अटकी है सुई
इमलाक गांव को बिजली दिए जाने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारियों ने तार भले ही जोड़ दिया है लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की सुई अभी भी जांच पर अटकी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही हम बिजली के लिए कुछ कह पाएंगे। बीस साल से इन लोगों को बिजली क्यों नहीं मिली और क्या कारण रहे, इसे जानना जरूरी है।

इमलाक गांव में बिजली कनेक्शन देने के लिए शिविर लगवाया जाएगा। जल्द ही गांव रोशन होगा। जांच चल रही है। 
पीके गोयल, मुख्य अभियंता, पावर कारपोरेशन, मुरादाबाद

इमलाक गांव में शनिवार शाम पांच बजे बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। कुछ काम बचा है। इमलाक गांव की समस्या का समाधान हो जाएगा। 
हाजी रिजवान, विधायक, कुंदरकी

इमलाक की बिजली का मचा शोर, तब जागे अफसर और नेता 
बीस साल से बिजली देखने के लिए तरस रहे इमलाक गांव की पीड़ा को हिन्दुस्तान से समझा और जब सुर्खियां बना तो महकमे के साथ ही विधायक कुंदरकी हाजी रिजवान को भी इसका ध्यान आया। विधायक ने अधिशासी अभियंता से इस बारे में बात करके स्थिति जानी। विधायक ने आश्वस्त किया कि इमलाक गांव को बिजली पहुंचाने में जो दिक्कतें आ रही हैं उन्हें दूर करने के निर्देश बिजली विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं। बीस साल से इमलाक गांव में बिजली नहीं होने की बात उजागर हुई तो बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। बिजली की रोशनी देखने से वंचित होने की वहां के लोगों की तकलीफ का एहसास अधिकारियों को हुआ। इस मामले में जांच करने के लिए चीफ इंजीनियर ने जांच बैठा दी है। अधिकारियों की तरफ से गांव में जल्द से जल्द बिजली पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी गई है।

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ममता के भतीजे को रैली में मरागाया थप्पड़

2015-01-04 16:47:17 admin

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी को रविवार को पूर्वी मिदनापुर जिले के चंडीपुर में एक रैली के दौरान एक पार्टी कार्यकर्ता ने थप्पड़ जड़ दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता की अभी तक पहचान नहीं हुई है। वह अचानक मंच पर चढ़ गया और तृणमूल युवक कांग्रेस के अध्यक्ष अभिषेक को उस समय तमाचा जड़ दिया जब वह रैली को संबोधित कर रहे थे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने तत्काल उस व्यक्ति को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। उसे अस्पताल ले जाया गया। mamta ka bhatija

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जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए आज राज्यपाल से मिलेंगी महबूबा मुफ्ती

2014-12-31 04:57:56 admin

जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दलों में जारी जोड़तोड़ के बीच मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने अचानक राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात कर अटकलों को हवा दे दी। वहीं गठबंधन को लेकर अभी तक अपने पत्ते न खोलने वाली पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी राज्यपाल से भेंट करने के लिए मंगलवार को जम्मू पहुंच गईं। महबूबा बुधवार सुबह राज्यपाल से भेंट कर सकती हैं। वह उन्हें सरकार बनाने को लेकर अपनी भावी योजना के बारे में बताएंगी। इस बीच, भाजपा ने पीडीपी के नेतृत्व में कांग्रेस-नेकां के साथ महागठबंधन की संभावना को राज्य के लोगों के साथ धोखा करार दिया है।

पीडीपी व राज्यपाल की बैठक से ठीक एक दिन पहले राम माधव ने जम्मू राजभवन पहुंचकर सभी को चौंका दिया। राज्यपाल से उनकी मुलाकात पर भाजपा ने चुप्पी साध ली है। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष व सांसद जुगल किशोर भी राजभवन गए थे, लेकिन उन्होंने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। बाद में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जुगल किशोर ने कहा कि राम माधव ने राज्यपाल से क्या बात की, उन्हें कुछ भी पता नहीं है। सरकार में पीडीपी, नेकां व कांग्रेस के महागठबंधन बनने की संभावना पर जुगल ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह राज्यवासियों के हित में नहीं होगा। जम्मू-कश्मीर में भाजपा की सरकार बनने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि हमें सबसे अधिक वोट मिले हैं, सरकार हमारी ही बनेगी।

तय बैठक से दो दिन पहले ही भाजपा नेताओं के राज्यपाल से मिलने पर नेकां के कार्यवाहक प्रधान उमर अब्दुल्ला ने पार्टी की खिल्ली उड़ाई है। ट्विटर पर उमर ने इस मुलाकात को 'बैड कॉमेडी शो' करार दिया। वह इन दिनों अपने माता-पिता के पास लंदन में हैं। वहीं, अलगाववाद छोड़कर मुख्यधारा की सियासत में आए पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद लोन ने राज्य में एक स्थिर सरकार की वकालत करते हुए कहा वह भाजपा-पीडीपी या फिर नेकां-भाजपा गठबंधन को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। भाजपा का किसी भी सत्तासीन गठबंधन में शामिल होने का फायदा राज्य के विकास में नजर आएगा। इसलिए उसका सरकार में होना जरूरी है।meheboba mofti

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सरकार बनाने में मदद करना हमारी जिम्मेदारी नहीं: उमर

2014-12-24 11:04:43 admin

जम्मू। जम्मू कश्मीर के निवर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में सरकार बनाने की मुख्य जिम्मेदारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और बीजेपी की है। हमारी नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी (नेकां) फिलहाल ‘इंतजार करो और देखो’ की नीति पर काम कर रही है।

 

उमर अब्दुल्ला ने राज्यपाल एनएन बोहरा को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद राजभवन के बाहर संवाददाताओं से कहा कि विधानसभा चुनाव में जनादेश के अनुसार सरकार बनाने की मुख्य जिम्मेदारी पीडीपी और बीजेपी की है। किसी की सरकार बनाने में मदद करना हमारी पार्टी की जिम्मेदारी नहीं है।

 

अब्दुल्ला ने फिर दोहराते हुए कहा कि सरकार बनाने पर उनकी किसी पार्टी से कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस फिलहाल संभावित गठजोड़ पर इंतजार करो और देखो की नीति अपना रही है।

 

सरकार बनाने में मदद के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने पीडीपी संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद को याद दिलाया कि साल 2002 में 28 सीटों के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस के सबसे बड़े दल के रूप में उभरने के बावजूद उन्होंने सरकार बनाने का फैसला नहीं किया था। अलबत्ता उन्होंने 10 सीटों वाली पीडीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार के गठन का रास्ता साफ किया था।

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धूप खिली, दिक्कतें अब भी खड़ी

2014-12-16 16:44:58 admin

शिमला : प्रदेश में लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश और बर्फबारी से जनजातीय जिलों में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्थाओं सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं हो पाई हैं। दुर्गम जिला किन्नौर में चार दिन से बिजली की आपूर्ति ठप होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। इसके साथ ही ज्यादातर क्षेत्र में पानी और गैस की सप्लाई भी नहीं हो पाई है। तीन दिन से इस जनजातीय क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ, जिससे ज्यादातर मार्ग बाधित हो गए थे। संचार व्यवस्था भी मौसम के बिगड़ते मिजाज के कारण प्रभावित हुई है।

शिमला, किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिले में हिमपात के बाद मंगलवार को मौसम साफ होने के बावजूद जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। परिवहन व्यवस्था बाधित होने से लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राजधानी शिमला में सुबह मौसम साफ रहा और दिनभर अच्छी धूप खिली रही। बावजूद इसके ठंडी हवाओं ने धूप का मजा किरकिरा कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में प्रदेश में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की कमी हो सकती है। मंगलवार को जनजातीय क्षेत्र केलंग का तापमान लुढ़ककर -9.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे हिमाचल देश के मुख्य स्थानों से सबसे ठंडा राज्य बन गया है। जनजातीय जिलों में ठंड बढ़ने से पेयजल स्रोत भी जम गए हैं। ऐसे में लोगों पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में ज्यादा परिवर्तन नहीं आया है। हालांकि अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

22 तक साफ रहेगा मौसम

मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह की मानें तो प्रदेश में 22 नवंबर तक मौसम साफ रहेगा। कोहरा अधिक जमने के कारण तापमान में गिरावट आएगी और ठिठुरन बढ़ेगी। हालांकि दिन के समय धूप खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने के आसार है।

कहां रहा कितना तापमान

शिमला 0.7 5.2

सुंदरनगर 1.5 9.3

भुंतर 0.2 4.7

कल्पा -3.8 0.2

धर्मशाला 3.8 11.8

ऊना 2.5 18.4

केलंग -9.6 3.6

पालमपुर 2.5 12.0

सोलन 2.5 13.5

मनाली -4.2 2.0

नाहन 3.3 15.7

मंडी 1.7 10.6

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बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं

2014-12-15 04:14:06 admin

भोपाल [नप्र]। प्रदेश में मावठा [सर्दी की बारिश] गिरने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में राजधानी सहित कई स्थानों पर झमाझम पानी बरसा। इससे किसानों के चेहरे खिल गए। फसलों के लिए यह पानी अमृत की तरह है। राजधानी में शनिवार शाम को भी बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों ने रविवार को भी पानी बरसने की संभावना जताई है। साथ ही ओले भी गिरने की आशंका जाहिर की है।

दिन का पारा तेजी से लु़़ढका

उधर, बारिश होने और बादल छाए होने के कारण प्रदेश भर में गुरवार को दिन के तापमान में खासी गिरावट आई है। अधिकतर स्थानों पर दिन का तापमान 25 डिग्री से नीचे रहा। ग्वालियर में दिन का तापमान सबसे कम [18.8 डिग्री] दर्ज हुआ। हालांकि सभी स्थानों पर रात का तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना है। कई स्थानों पर रात का तापमान 15 डिग्री के आसपास दर्ज हुआ। मौसम साफ होने पर रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी।

इसलिए बदला मौसम

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पूर्व राजस्थान पर बना एक ऊपरी हवा का चक्रवात शनिवार सुबह आगे खिसककर उत्तरी मध्यप्रदेश के ऊपर सक्रिय हो गया है। इस सिस्टम की वजह से पूरे प्रदेश में हल्की, तेज बरसात हो रही है। अभी एक-दो दिन मौसम साफ होने के आसार नहीं हैं।

मावठे की बारिश बढ़ी ठिठुरन

प्रदेश में शुक्रवार शाम हुई मावठे की पहली बारिश के बाद ठिठुरन ब़़ढ गई है। हालांकि मावठे की बारिश से रबी फसलों को काफी फायदा मिलेगा, परंतु राजग़़ढ जिले में कुछ स्थानों पर ओले गिरने से नुकसान भी हुआ है।

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पति की चिता में कूद वृद्धा ने दी जान

2014-12-15 04:06:57 admin

बिहार के सहरसा जिले में पति की मौत के बाद वृद्धा ने उसकी चिता में कूदकर जान दे दी। जिले के सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र के परमिनियां गांव की यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

परमिनियां गांव निवासी 78 वर्षीय रामचरित्र मंडल की शनिवार सुबह मौत हो गई थी। उनके शव का घर से कुछ दूरी पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। घर लौटे लोग स्नान करने चले गए, लेकिन इस दौरान 70 वर्षीय वृद्धा का कोई पता नहीं चल रहा था। उन्हें चाय देने पहुंचे बेटे ने मां को न पाकर तलाश शुरू की। तभी एक ग्रामीण की सूचना पर लोगों ने देखा तो वृद्धा अपने पति की चिता के साथ जल रही थी। लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बाद में उसी चिता में महिला का भी दाह संस्कार कर दिया गया। बेटे ने बताया कि पिता की मौत से मां को काफी धक्का पहुंचा और वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी। रामचरित्र मंडल कैंसर से ग्रसित थे।

सदर एसडीपीओ प्रेमसागर ने बताया कि घटना के समय मौके पर कोई नहीं था। बाद में इसकी सूचना मिली है। सोनवर्षा कचहरी थानाध्यक्ष रुदल कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है। पति के वियोग में महिला चिता में कूद गई थी।

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आगरा में तय होगा अलीगढ़ धर्मांतरण का फाइनल ब्लू प्रिंट

2014-12-15 03:55:29 admin

25 दिसम्बर को होने वाले धर्मांतरण कार्यक्रम का फाइनल ब्लू प्रिंट अब आगरा में तैयार किया जा रहा है। रविवार को संघ के अलीगढ़ समेत 22 जिलों के पदाधिकारी आगरा में तलब किए गए। हालांकि मासिक बैठक में प्राथमिक शिक्षा वर्ग पर चर्चा हुई। लेकिन इस बैठक में गोपनीय तरीके से अलीगढ़ क्षेत्र के पदाधिकारियों को धर्मांतरण की जिम्मेदारी बांटी गई। अलीगढ़ में कार्यक्रम पर रोक लगने के चलते नए सिरे से कार्यक्रम की रणनीति तैयार की जा रही है।

आगरा के धर्मांतरण पर शुरू हुए धर्मयुद्ध की आंच अलीगढ़ पहुंच जाने के बाद पुलिस-प्रशासन चौकन्ना हो गया है। डीआईजी मोहित अग्रवाल द्वारा कार्यक्रम पर रोक लगाए जाने के बाद धर्म जागरण मंच व सहयोगी हिन्दूवादी संगठन नए ठिकाने खोजने में जुट गया है। गुपचुप तरीके से आसपास के कासगंज, एटा, हाथरस, बुलंदशहर जिलों में सेफ जोन खोजा जा रहा है। वहीं संघ के पदाधिकारी भी हरकत में आ गए हैं। रविवार को संघ की आगरा में मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अलीगढ़ सहित 22 जिलों के पदाधिकारी बुलाए गए थे। हालांकि संघ पदाधिकारी बैठक को मासिक बैठक बता रहे हैं। जिसमें प्राथमिक शिक्षा वर्ग आयोजित किए जाने की रूपरेखा तैयार की गई। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में 25 दिसम्बर को होने वाले घर वापसी कार्यक्रम की भी गोपनीय तरीके से रणनीति तैयार की गई। दरअसल संघ इस कार्यक्रम के आयोजन में बैकडोर से सक्रिय है। इसके चलते संघ के पुराने अनुभवी प्रचारकों को कार्यक्रम आयोजन की जिम्मेदारियां बांटी गई हैं।

धर्म जागरण मंच का घर वापसी का कार्यक्रम तो अपने निर्धारित समय पर निश्चित तारीख पर होगा ही। आगरा में संघ की मासिक बैठक थी। जिसमें सभी पदाधिकारी शामिल हुए थे।
जयप्रकाश सारस्वत, विभाग प्रचार प्रमुख, संघ

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दिल्ली: हर रोज होती हैं 4 महिलाएं रेप की शिकार!

2014-12-08 05:34:16 admin

नई दिल्ली:~> दिल्ली की सड़कों पर एक बार फिर चलती गाड़ी में एक लड़की दरिंदगी का शिकार हुई है। गुड़गांव से दिल्ली आ रही लड़की के साथ टैक्सी ड्राइवर ने रेप किया और उसे घर के पास छोड़कर फरार हो गया। इस घटना के बाद दिल्ली में एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों की बात करें तो दिल्ली ही नहीं पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ दरिंदगी बढ़ी है।

आंकड़ों के मुताबिक, देश में रोजाना 92 महिलाओं के साथ बलात्कार होते हैं। 2013 में देश भर में 33 हजार 700 महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ था। इनमें से 15,556 वारदातों में पीड़ित की उम्र 18-30 के बीच थी।

राज्यों के नजरिए से देखें तो मध्य प्रदेश में बलात्कार की सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं। 2013 में एमपी में 4335 महिलाओं से बलात्कार हुए और ये इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। ये वो आंकड़ा है जिसे जानकार 'बेटी बचाओ' और 'लाडली' जैसे अभियान चलाने वाले शिवराज सिंह का भी सिर शर्म से झुक जाएगा। दूसरे नंबर पर है राजस्थान, जहां 2013 में रेप की 3285 वारदात हुईं। जबकि महाराष्ट्र में 3063 और यूपी में 3050 महिलाओं से रेप हुआ। अहम बात ये है कि 2013 में 13304 नाबालिगों के साथ बलात्कार हुआ, जो कुल आंकड़े का एक तिहाई है।

अगर बात करें देश की राजधानी दिल्ली की तो यहां भी लड़कियां महफूज नहीं हैं। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में सबसे ज्यादा बलात्कार होते हैं। राजधानी में औसतन हर रोज 4 महिलाएं दरिंदगी का शिकार होती हैं। 2013 में दिल्ली में 1636 महिलाओं से रेप के मामले सामने आए। जबकि 2012 में दिल्ली में रेप के 706 मामले सामने आए थे। बात करें महानगरों की तो दिल्ली रेप के मामले में सबसे आगे है।

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मालदीव जल संकट : भारत ने 12 सौ टन ताजा पानी भेजा

2014-12-07 06:47:27 admin

माले/नई दिल्ली: भारत ने जल संकट से जूझ रहे मालदीव को 12 सौ टन से अधिक ताजा पानी भेजा है। देश की राजधानी माले में जल संयंत्र के आग से क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद यह संकट पैदा हुआ है।



अधिकारियों ने बताया कि भारत का आईएनएस सुकन्या बीती रात माले पहुंचा और इसने करीब 25 टन पानी वहां टैंकरों और सिंटेक्स की टंकियों को मुहैया कराया।



रिवर्स ओसमोसिस (आरओ) संयंत्र के जरिये और 15 टन ताजा पानी उपलब्ध कराया गया। यह ताजा जल बाद में टैंकरों को मुहैया करा दिया गया।



नौसेना अधिकारियों ने बताया कि नौसेना का एक अन्य टैंकर आईएनएस दीपक मुंबई से 800 टन ताजा जल लेकर गया है और इसके कल दोपहर तक माले पहुंचने का कार्यक्रम है।



आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वायु सेना ने कल 200 टन पानी पहुंचाया और इसके चार विमानों में इतनी ही मात्रा में पानी आज भी ले जाया गया है।



मालदीव में पैदा हुए संकट पर राहत पहुंचाने वाला भारत पहला देश है जिसने एक व्यापक सहायता कार्यक्रम शुरू किया है।



विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मालदीव के उनके समकक्ष दुनया मौजून द्वारा बृहस्पतिवार को बात किए जाने के बाद भारत ने यह फौरी कोशिश की।



सुषमा ने इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संपर्क किया और अन्य अधिकारियों से मंजूरी ली।



अपनी राजधानी में स्थित एकमात्र जल शोधन संयंत्र में आग लग जाने के बाद मालदीव राष्ट्रीय संकट का सामना कर रहा है और माले के अधिकांश हिस्से में पेयजल की किल्लत हो गई है। राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने मालदीव की जनता से धैर्य रखने और एकजुट रहने तथा राष्ट्रीय संकट का हल करने के लिए सरकार के साथ काम करने को कहा है।



जनता में गहरे असंतोष के बीच यामीन ने मालदीव के लोगों को भरोसा दिलाया है कि संकट का हल होने तक बोतलबंद पानी पर्याप्त मात्रा में मुहैया कराया जाएगा।



उन्होंने कहा कि सहायता के लिए उनकी अपील पर फौरन प्रतिक्रिया करने को लेकर वह भारत और श्रीलंका के आभारी हैं।



माले में कल जब अधिकारी बोतल बंद पानी बांट रहे थे तभी कई स्थानों पर सड़कों पर झड़प हुई थी।



सरकार ने कहा कि वह करीब सवा लाख बाशिंदों को मुफ्त में पानी बांटेगी इनमें बांग्लादेश, भारत, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका से आए कामगार भी शामिल हैं।



गौरतलब है कि 4 दिसंबर को मालदीव वाटर एंड सीवेज कंपनी के जेनरेटर कंट्रोल पैनल में भीषण आग लग गई थी जिससे जेनरेट के केबल से लेकर डिस्टीलेशन संयंत्र को भारी नुकसान पहुंचा और जलापूर्ति रुक गई।

 
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मोदी के कश्मीर दौरे से पहले LoC के पास आत्मघाती हमला, 5 जवान शहीद, 3 आतंकी भी मारे गए और भी.

2014-12-05 06:46:19 admin

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्रीनगर दौरे से दो दिन पहले जम्मू-कश्मीर में बड़ा आतंकी हमला हुआ है. संदिग्ध घुसपैठियों ने बारामूला स्थित उरी सेक्टर के मुहुर में सेना के एक कैंप को निशाना बनाया है. खबर के मुताबिक, कुल पांच जवान शहीद हुए हैं, वहीं तीन आतंकी भी मार गिराए गए हैं. शहीदों में सेना का एक अधिकारी, दो जवान और दो पुलिसकर्मी शामिल हैं. सेना और आतंकियों की मुठभेड़ जारी है.

जिस कैंप पर हमला हुआ है वह लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के नजदीक है. बताया जा रहा है कि कैंप में अब भी कम से कम तीन आतंकी हो सकते हैं. खबरों के मुताबिक, आतंकियों ने आत्मघाती तरीके से हमला किया. कैंप में डीवाईएसपी रैंक का एक पुलिस अधिकारी भी मौजूद था, जिसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.

सेना के औपचारिक बयान के मुताबिक, 'आतंकियों के एक ग्रुप ने मुहुरा कैंप पर तड़के सुबह 3 बजे हमला किया. आतंकियों ने सेना के वाहन पर हमला किया जिससे भारी नुकसान हुआ. इसमें एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए. आखिरी रिपोर्ट तक एक आतंकी भी मारा जा चुका था. ऑपरेशन अभी जारी था.'

 

माना जा रहा है कि हमलावर पाकिस्तान की ओर से हाल ही में आए घुसपैठिए हो सकते हैं, जिनका मकसद प्रधानमंत्री के कश्मीर दौरे और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर घाटी की शांति भंग करना हो सकता है. गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में 9 दिसंबर को तीसरे चरण का चुनाव है. इस चरण में बारामूला में भी वोट डाले जाने हैं. दूसरे चरण के चुनाव के दौरान नौगाम सेक्टर में सेना ने घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश नाकाम कर दी थी. जब मुंबई में फैलाई थी आतंकियों ने दहशत 

गौरतलब है कि गुरुवार को ही खुफिया एजेंसियों ने पीएम के दौरे के मद्देनजर लश्कर आतंकियों की ओर से हमले की आशंका जताई थी . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 दिसंबर को श्रीनगर और अनंतनाग जा रहे हैं. यहां वह चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे.


 

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आई कैंप या आंख फोड़वा कैंप, 16 लोगों की आंखें गईं

2014-12-05 06:42:11 admin

अमृतसर। पंजाब के गुरदासपुर में 10 दिन पहले एनजीओ की तरफ से लगाए गए आई कैंप में ऑपरेशन के बाद 16 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। इस मामले के सामने आने के बाद पूरे पंजाब में हड़कंप मच गया है। बता दें कि इस आई कैंप में कुल 60 लोगों को मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। जिन लोगों की आंखें गई हैं उनमें से 16 अमृतसर के हैं। जबकि लोगों का कहना है कि कुछ और लोग भी हैं जिनकी आंखों की रोशनी चली गई है। मोतिया बंद के ऑपरेशन के लिए ये आई कैंप 10 दिन पहले गुरदासपुर के घुमन गांव में लगा था। प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन डॉक्टर की तलाश की जा रही है जिन्होंने ऑपरेशन किया था।

 

अस्पताल के बिस्तर पर दर्द से कराह रहे ये बुजुर्ग हमारे देश के मेडिकल सिस्टम को करारा तमाचा मार रहे हैं। उम्र इनके लिए पहले ही बड़ी चुनौती थी ही। अब इनकी बाकी की जिंदगी को भी डॉक्टरों की लापरवाही ने बर्बाद कर दिया है। बुरी तरह परेशान ये लोग अब तक खुद को यकीन नहीं दिला पाए हैं कि अब इन्हें कभी दिखाई नहीं देगा। दरअसल करीब दस दिन पहले इन सभी ने गुरदासपुर के एक नेत्र शिविर में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया था। लेकिन ऑपरेशन होने के कुछ ही घंटों के भीतर इनकी आंखों में दर्द होने लगा। ये फिर अस्पताल भागे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। इन जैसे कई लोग अब हमेशा के लिए अपनी आंख खो चुके हैं।

 

प्रशासन का कहना है कि जिन 60 लोगों की आंख गई है, उनमें से 16 लोग अमृतसर और आसपास के गांवों के थे। जबकि बाकी गुरदासपुर के हैं। सभी को अमृतसर और गुरदासपुर के अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन लोगों का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि इनकी आंखों की रौशनी अब कभी भी वापस नहीं आ पाएगी।

 

आपको बता दें कि गुरदारपुर में लगा मेडिकल कैंप एक गैर-सरकारी संस्था ने लगवाया था। लेकिन कैंप में सफाई पर जरा भी ध्यान नहीं दिया गया। यहां तक की नेत्र शिविर लगाने के लिए प्रशासन से जरूरी इजाजत भी नहीं ली गई थी। अब प्रशासन ने पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया है। नेत्र शिविर लगवाने वालों और मोतियाबिंद का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों की भी तलाश की जा रही है।

 

प्रशासन की तैयारी है कि मेडिकल कैंप लगाने वालों पर आपराधिक केस दर्ज किया जाए। जाहिर है, गुरदासपुर में मेडिकल कैंप लगने वाला है। इसकी खबर प्रशासन को नहीं थी। लापरवाही के चलते लोगों की आंख जाने के बाद प्रशासन की भी नींद टूटी। अब प्रशासन ऐसे लोगों का अमृतसर-गुरदासपुर के अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवा रहा है।

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एक और तगड़े केस में फंसे सतलोक के रामपाल

2014-12-03 07:11:34 admin

रामपाल पर बरवाला पुलिस ने हत्या के मामले में एक और केस दर्ज कर लिया है। इस तरह अब रामपाल के खिलाफ हत्या के तीन मामले दर्ज हो गए। बरवाला थाना में दर्ज इस मामले में रामपाल पर दबलैन गांव के युवक रणधीर को फांसी लगाकर मारने का आरोप है।



इस मामले में सतलोक आश्रम से जुड़े रामपाल के अज्ञात भक्तों पर भी हत्या की धाराएं लगाई गई हैं। मुकदमा मृतक रणधीर के पिता हरिकेश के बयान पर दर्ज किया गया है।



रामपाल के अनुयायी रणधीर की संदिग्ध परिस्थितियों में आश्रम परिसर में 21 अगस्त को मौत हुई थी। रणधीर का शव आश्रम के टॉयलेट में फंदे से लटकता हुआ मिला था। पुलिस ने आरंभ में इस मामले में 174 की कार्रवाई की थी। परिजनों ने आरंभ में ही हत्या का मामला बताया था।



आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और मामला दबाने का प्रयास किया। जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा व सतलोक आश्रम का तथाकथित संत पुलिस के शिकंजे में आ गया तो रातों रात पुलिस ने हत्या का नया मामला दर्ज कर दिया।



इस दौरान हरिकेश ने पुलिस को यह भी बताया था कि उनका बेटा रणधीर अकसर उनको आश्रम में अनैतिक गतिविधियां होने की बातें बताता था। हरिकेश ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस को इस घटना की शिकायत देने के पश्चात भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।

पुलिस ने रामपाल के दो और अनुयायियों पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया है। पकड़े गए दोनों अभियुक्त शमशेर कंडेला गांव जींद का रहने वाला है तथा संतोष लहरवदा मध्यप्रदेश का रहने वाला है। पुलिस ने इन्हें बरवाला सतलोक आश्रम के अंदर से गिरफ्तार किया था जिन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।



सतलोक आश्रम में पकड़े गए देशद्रोह के मामले में 912 लोगों की वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए जेल से ही कोर्ट में पेशी होगी। प्रतीक जैन की अदालत में इस मामले की सुनवाई होगी। पुलिस ने बताया कि सभी अभियुक्तों की जेल से ही पेशी होगी। कोर्ट के वीसी रूम से जेल के वीसी रूम के जरिए अभियुक्तों की हाजिरी लगाई जाएगी।



कोर्ट में पेशी के दौरान अफरा-तफरी से बचने के लिए निचली अदालत ने वीसी से (वीडियो कांफ्रेंसिंग) पेशी भुगतवाने का फैसला लिया था। रविवार को पुलिस ने राजकपूर उर्फ प्रीतम और राजेंद्र को कोर्ट में पेश किया था। जेएमआईसी संजय वर्मा की कोर्ट में पेशी के दौरान उन्होंने ये निर्देश दिए थे।

 

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करोड़ों के चंदे पर बहाल हुए थे यादव सिंह

2014-12-02 04:47:31 admin

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजिनियर यादव सिंह का पहला लॉकर सोमवार को खोला गया। आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक, 2013 में यादव सिंह की अथॉरिटी में वापसी के लिए किन-किन अधिकारियों, इंजिनियरों और ठेकेदारों ने चंदा दिया था, उनके नाम व चंदे का ब्योरा लॉकर से मिला है। यह लॉकर दिल्ली के पंजाब नैशनल बैंक का है।



बहाली के लिए दी रकम करोड़ों में थी। इससे लखनऊ के कुछ आईएएस अधिकारियों से लेकर नोएडा तक के अधिकारियों और बिल्डरों में हड़कंप मचा हुआ है। लॉकर से शेयरों में निवेश की डीटेल्स, बोगस कंपनियों के दस्तावेज, 40 कंपनियों के रिकॉर्ड भी मिले हैं। शुक्रवार को यादव सिंह के 13 लॉकर नई दिल्ली, गाजियाबाद व नोएडा में सील किए गए थे। 

 

 

लॉकर खोलने की प्रक्रिया सोमवार को बैंक का कामकाज बंद होने के बाद तीन बजे से शुरू की गई। इनकम टैक्स अफसरों के सर्च वॉरंरट दिखाने के बाद बैंक मैनेजर की उपस्थिति में लॉकर खोला गया। लॉकर से मिले दस्तावेज की आयकर अधिकारियों ने शुरुआती पड़ताल की। इसके बाद दस्तावेज का पंचनामा तैयार किया। इस सबमें करीब चार घंटे लगे। सूत्रों का कहना है कि लॉकर खोलने की प्रक्रिया काफी लंबी है, ऐसे में बाकी 12 लॉकरों की पड़ताल करने में वक्त लगेगा। आयकर विभाग के डीजी इंवेस्टिगेशन कृष्णा सैनी भी एनसीआर में मौजूद हैं और पूरी प्रक्रिया की निगरानी खुद कर रहे हैं। 



रेड कॉर्नर नोटिस और विदेश में भी फरारी के बाद 2013 में जब यादव सिंह की वापसी नोएडा में हुई, तो बहाली यूं ही नहीं थी। इसके पीछे नेता, अधिकारियों और प्राधिकरण के कुछ इंजिनियरों का मजबूत गठजोड़ था। शासन में बैठे एक शीर्ष अधिकारी की मानें तो यादव सिंह बहाली के लिए नोएडा के कई इंजीनियरों ने करोड़ों का चंदा इक्ट्ठा किया था। 



सीबी-सीआईडी जांच बंद होने के बाद एक सीनियर आईएएस के माध्यम से यादव सिंह की बहाली की डील तय हुई थी। जानकार तो यहां तक बताते हैं कि पूरे खेल को दिल्ली के पांच सितारा होटल में बैठकर अंजाम दिया गया। इसमें एक बड़े राजनेता ने भी पैरवी की थी। इसी के बाद यादव सिंह की बहाली हुई। 

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छत्तीसगढ़ में बड़ा नक्सली हमला, 13 CRPF जवान शहीद

2014-12-01 17:37:29 admin

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने सीआरपीएफ पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें सीआरपीएफ के दो अधिकारियों समेत 13 जवानों की मौत हो गई। करीब एक दर्जन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। 

हमला सोमवार सुबह 10:30 बजे उस समय हुआ, जब सीआरपीएफ की टुकड़ी बस्तर के घने जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाकर अपने कैंप लौट रही थी। जब जवान चिंतल गुफा एरिया में पहुंचे, तभी भारी तादाद में माओवादियों ने उन्हें घेर लिया और चारों ओर से गोलियां बरसाने लगे। नक्सलियों ने स्थानीय गांव वालों को आगे कर दिया। इससे सीआरपीएफ को जवाब देने में मुश्किलें आईं।



छत्तीसगढ़ के एडीजीपी (नक्सल अभियान) आर.के. बिज ने बताया कि हमले में सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट बी़ एस़ वर्मा और असिस्टेंट कमांडेंट राजेश शहीद हो गए। बाकी 11 जवानों की भी गोलियां लगने से मौत हुई। बिज ने बताया कि सभी जवान सीआरपीएफ की 223 बटालियन और 206 कोबरा बटालियन के थे। ये लोकल पुलिस के साथ एल्मागोड़ा और एर्राबोर क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से अभियान चला रहे थे।

बर्दाश्त नहीं करेंगे नक्सलियों की हरकत सीआरपीएफ जवानों पर नक्सली हमले की गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे सख्ती से निपटा जाएगा। सरकार हरसंभव कदम उठाएगी। राजनाथ जायजा लेने के लिए मंगलवार को सुकमा का दौरा करेंगे। गृह मंत्री से पूछा गया कि क्या झारखंड चुनाव में सुरक्षाबलों की व्यस्तता के कारण छत्तीसगढ़ में जवानों की कमी है? राजनाथ ने इसे खारिज करते हुए कहा कि पर्याप्त सुरक्षाबल मौजूद है। राजनाथ ने गृह सचिव, आईबी चीफ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सीआरपीएफ के डीजी से मामले की पूरी जानकारी ली। उन्होंने छत्तीसगढ़ के सीएम रमण सिंह से फोन पर बात की और स्थिति पर नजर रखने को कहा।



शिकंजा कसने से छटपटा रहे हैं नक्सली नक्सलियों का यह हमला छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह के उस बयान के दूसरे ही दिन हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह दिन दूर नहीं, जब छत्तीसगढ़ नक्सलियों से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलकर माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाए जाने के मद्देनजर यह बात कही थी। इसी दबाव के कारण पिछले कुछ महीनों में दर्जनों नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।



नक्सलियों के अभेद्य किले जैसा है सुकमा महज 14 साल पहले आस्तित्व में आए छोटे से राज्य छत्तीसगढ़ के दामन में देश के सबसे बड़े नक्सली हमलों के दाग लगे हैं। करीब 40 हजार वर्ग किलोमीटर इलाके में फैला बस्तर रीजन राज्य का सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाका है। चिंतल गुफा को नक्सलियों का बड़ा अड्डा माना जाता है। 



सुकमा में नक्सली कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुके हैं। 25 मई 2013 को नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर बड़ा हमला कर दिया था। उस हमले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नंद कुमार पटेल, नेता विपक्ष रहे और नक्सलियों के खिलाफ सलवा जुडूम मुहिम छेड़ने वाले महेंद्र कर्मा और पूर्व कांग्रेसी विधायक उदय मुदलियार समेत 27 लोगों की मौत हो गई थी।



इसके अलावा पिछले महीने ही नक्सलियों ने पुलिस दल और एयरफोर्स के एक हेलिकॉप्टर पर हमला कर दिया था। इसमें हेलिकॉप्टर के गनर और एक अफसर सहित सात जवान घायल हो गए थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई और कुछ देर की मुठभेड़ के बाद नक्सली वहां से भाग निकले थे।

 

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शारदा घोटाले के आरोपियों को बचा रही हैं ममता: अमित शाह

2014-12-01 05:24:12 admin

प्रदेश भाजपा की ओर से रविवार को धर्मतला के विक्टोरिया हाउस के पास आयोजित उत्थान दिवस की रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस व राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला।

रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने बड़ी उम्मीद से 2011 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को चुना था, लेकिन जनता के साथ धोखा हुआ। शाह ने कहा कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद बंगाल पिछड़ता गया। तृणमूल कांग्रेस ने राज्य को बर्बाद करके रख दिया। आक्रामक रूप धारण करते हुए उन्होंने कहा कि मैं बंगाल से तृणमूल कांग्रेस को उखाड़ने आया हूं। उन्होंने कहा कि ममता के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही उनके तेवर बदल गए।

शाह ने ममता पर सारदा चिटफंड घोटाले में पकड़े गए तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का बचाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उछाला कि आखिर ममता चिटफंट के दोषियों को क्यों बचा रही हैं? सिंगुर में 12 सौ किसानों की जमीन ली गई थी, तब ममता आमरण अनशन पर बैठ गई थीं और शारदा चिटफंड घोटाले में 17 लाख लोगों की राशि डूब गई, लेकिन ममता चुप हैं। शाह ने कहा कि पहले आरोप लगता था, अब साबित हो गया है कि शारदा चिटफंट घोटाले में तृणमूल के सांसद शामिल हैं और ममता सीबीआइ पर उनके सांसदों को फंसाने का आरोप लगा रही हैं। उन्होंने कहा कि ममता में अगर हिम्मत है तो कह दें कि सीबीआइ ने जिन्हें पकड़ा है वह निर्दोष हैं।

शाह ने कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री दो अक्तूबर को बर्दवान में हुए बम धमाके के आरोपियों को बचा रही हैं। बर्दवान धमाके में मारा गया शकील अहमद पहले भी बम धमाके में फंसा था। उन्होंने सवाल किया कि जिस मकान में धमाका हुआ, उसके मालिक नूरुल हसन चौधरी कौन थे? ममता बर्दवान बम धमाके की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजंसी को क्यों नहीं सहयोग कर रही है? शाह ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कि वह बांग्लादेश से भारत आ रहे घुसपैठियों को शह देना बंद करें। शाह ने ममता बनर्जी से अपील करते हुए कहा कि वोट बैंक की खातिर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ न करें। बांग्लादेशी घुसपैठियों को शरण ने दें। उन्होंने कहा कि सीबाआइ जांच के दौरान पता चला है कि शारदा चिटफंड के पैसे से बर्दवान में धमाका कराया गया।

उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा समझदार युवा, मेहनती युवा बंगाल में हैं। यहां सब कुछ है, बस नेतृत्व की कमी है। बंगाल की जनता ने ममता को नेतृत्व दिया था, लेकिन इसमें वह विफल हो गईं। उन्होंने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र हमने जीता, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में जारी चुनाव भी भाजपा जीतेगी। दिल्ली और बिहार में भी भाजपा की सरकार बनेगी, लेकिन इन सब विजयों का तब तक कोई मतलब नहीं जब तक पश्चिम बंगाल में हमारी सरकार न बने। बंगाल में भगवा लहराएगा तभी सही मायने में पार्टी विजयी होगी।

अमित शाह रैली की इजाजत नहीं दिए जाने पर भी ममता पर खूब बरसे। हमारी जनसभाओं को सरकार रोकने का प्रयास कर रही है। जनसभाओं को किसी भी कीमत पर नहीं रोका जा सकता। बताते चलें कि इस रैली में शाह को सुनने लिए काफी संख्या में लोग आए थे। इससे पहले ममता सरकार ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को कोलकाता रैली की इजाजत नहीं दी थी। इस रैली को लेकर खूब विवाद हुआ था। कानूनी जद्दोजहद के बाद अंतत: जीत भाजपा की हुई। भाजपा ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने कोलकाता में रैली की इजाजत दे दी।
अपने संबोधिन के दौरान उन्होंने 2015 में होने वाले कोलकाता नगर निगम और 2016 में होने वाले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी से टक्कर लेने की तैयारी का बिगुल फूंका।

उन्होंने कहा कि ‘दीदी’ सभा की अनुमति नहीं देना चाहती थी। उन्होंने मंच भी छोटा करवा दिया। दीदी, आप मंच तो छोटा करवा सकती हो, लेकिन बंगाल के लोगों के दिल से भाजपा को नहीं निकाल सकती। रैली में उमड़ी भीड़ से यह पता चलता है कि ममता की उलटी गिनती शुरू हो गई है। रैली को प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राहुल सिन्हा, पूर्व अध्यक्ष तथागत राय, सांसद बाबुल सुप्रियो व एसएस अहलुवालिया, राज्यसभा सदस्य चंदन मित्र, विधायक श्रमिक भट््टाचार्य और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थनाथ सिंह ने भी संबोधित किया।

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जम्मू-कश्मीर ने बुलेट को हराया : मोदी

2014-11-29 05:32:53 admin

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने बड़ी संख्या में मतदान कर बंदूक को करारा जवाब दिया है और लोकतंत्र में अपने विश्वास को दिखाया है। राज्य के दूसरे चरण का चुनाव प्रचार करते हुए उन्होंने ऊधमपुर रैली में कहा कि विकास नहीं होने के कारण राज्य पिछले 30 साल से एक ही स्थान पर 'अटका' हुआ है।

मोदी ने सत्तारूढ़ नैशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और पीडीपी पर भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने और राज्य को लूटने के अलावा लोगों से भावनात्मक 'ब्लैकमेलिंग' करने के आरोप लगाए। चुनाव बहिष्कार का आह्वान करने वाले लोगों पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे लोग बुलेट से बैलट की शक्ति को दबा रहे थे। पहली बार जम्मू-कश्मीर के लोगों ने खुद को मजबूत दिखाया है और बैलेट से बुलेट को करारा जवाब दिया है। मोदी ने कहा कि आतंकी हताश हैं क्योंकि उन्हें महसूस हो रहा है कि बंदूक और बम का इस्तेमाल करने और लोगों की हत्या करने के बावजूद राज्य के अंदर लोकतंत्र अब भी जिंदा है। विधानसभा चुनावों के पहले चरण में जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड 71.28 पर्सेंट वोट पड़े थे।

पीएम ने कहा पूरी दुनिया जान गई है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के दिल में क्या है। यह संदेश दुनिया में गया है। आपने बड़ा काम किया है। जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए अपनी पार्टी को पूर्ण बहुमत देने की अपील करते हुए मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि राज्य में बीजेपी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी और उसे सरकार बनाने का अवसर मिलेगा।

'मोदी बिना बेटे के हैं, तो मैं क्या करूं'

भाषा, रांची

झारखंड में चुनाव प्रचार के दौरान मोदी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर वंशवाद को लेकर तीखा हमला बोला था। इसके जवाब में सोरेन ने शुक्रवार को कहा कि पीएम मोदी बिना बेटे के हैं तो मैं क्या कर सकता हूं। हां, मेरे पिता शिबू सोरेन हैं और मैं उनका बेटा हूं। हम दोनों नेता हैं। सोरेन ने पूछा कि क्या डॉक्टर के बेटे को डॉक्टर बनना गुनाह है? यदि नहीं है तो नेता का बेटा नेता क्यों नहीं हो सकता है? इससे पहले मोदी ने झारखंड में एक रैली के दौरान हेमंत सोरेन सरकार को बाप-बेटे की सरकार कहा था। पीएम मोदी ने कहा था कि झारखंड से वंशवाद की राजनीति खत्म होनी चाहिए।

मोदी 5-10 उद्योगपतियों के पीएम : राहुल गांधी

भाषा, चाइबासा (झारखंड)

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को झारखंड के चाइबासा में रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी महज पांच-दस उद्योगपतियों के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि वो पूरा देश चलाएं, मोदी कहते हैं मैं सब कुछ करूंगा। प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनी तो वो कहते हैं कि भइया आप लोग झाड़ू पकड़ो और मैं जाता हूं ऑस्ट्रेलिया और मैं वहां के युवाओं से कहूंगा कि आप आइए और देखिए हमने क्या किया। वो कहते हैं के झारखंड गंदा है, हिंदुस्तान गंदा है। कांग्रेस महासचिव ने मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि आपको तब समझ आएगी जब आपसे आपकी जमीन, पानी, घर सब छीन लिया जाएगा तब पता चलेगा कि ये किसके प्रधानमंत्री हैं।

कोट —

'एक महत्वाकांक्षी अजेंडा' में भष्ट्राचार से लड़ने और राज्य की ठप पड़ी अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए प्रभावी शासन के अलावा कश्मीर में समस्याओं के समाधान के लिए 'स्वशासन' लागू करने पर जोर दिया गया है।

मुफ्ती मोहम्मद सईद, पीडीपी चीफ

क्या भारत-अधिकृत कश्मीर में हुए चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं? इस सवाल के जवाब में करीब 8,000 लोगों में से 52.54 पर्सेंट लोगों ने 'हां' कहा।

द डॉन का ऑनलाइन सर्वे

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पीएम बनने से रोका, पर समधी तो बनने से कैसे रोकेंगे

2014-11-29 05:16:31 admin

एसपी चीफ मुलायम सिंह यादव शुक्रवार को संसद पहुंचे तो पत्रकारों ने उनके पोते और लालू प्रसाद की बेटी की शादी की खबर पर सवाल किया। नेताजी कुछ नहीं बोले, बस मुस्करा कर रह गए। उनकी मुस्कराहट में बनते रिश्ते की चमक साफ दिख रही थी। उनके बगल में खड़े एक सीनियर जेडीयू नेता ने चुटकी ली- दो यादव मिल रहे हैं, मगर चुपके-चुपके। दरअसल खबर आई है कि मुलायम सिंह यादव के पोते तेज प्रताप औऱ लालू की बेटी राज लक्ष्मी की शादी हो सकती है। और 16 दिसंबर को इनकी हाई प्रोफाइल सगाई हो सकती है।

सियासी दुश्मनी से रिश्तेदारी का दिलचस्प सफर

लालू और मुलायम का आपसी रिश्ता कई दिलचस्प मोड़ से गुजरा है। दोनों 90 के दशक में यादवों के निर्विवाद नेता थे। मुलायम सिंह यादव यूपी तो लालू प्रसाद बिहार की राजनीति में अपना सिक्का चला रहे थे। भले दोनों अपने राज्यों में पांव जमा रहे थे लेकिन अस्थिर राजनीतिक दौर में दोनों का टारगेट नैशनल लेवल पर खुद के लिए अलग जगह बनाना था। मौका भी 1996 में आया। तब तीसरे मार्चे की सरकार बनने की पहल हुई। देवगौड़ा के हटने के बाद मुलायम सिंह यादव और ज्योति बसु प्रधानमंत्री बनने की रेस में आए। उस वक्त की सियासी कहानियों के मुताबिक, सिर्फ लालू प्रसाद के वीटो की वजह से मुलायम सिंह पीएम नहीं बन पाए। उस वक्त इंद्र कुमार गुजराल पीएम बने थे। लालू प्रसाद को यह डर सता रहा था कि अगर मुलायम सिंह यादव पीएम बन गए तो वह यादवों के सबसे बड़े नेता बन जाएंगे। यहीं से दोनों की राजनीतिक राह अलग हो गई थी। मुलायम सिंह यादव के मन में पीएम न बन पाने की टीस हमेशा रही।

जख्म भरने का वक्त

सियासी रिश्ते दुरुस्त करते हुए दोनों ने पुरानी बातों को भुलाकर नया साल,नई पार्टी की बात कही। तब इसका कतई अहसास नहीं था कि चुपके-चुपके नए रिश्ते बनाने की बात चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, रामगोपाल यादव और एक सीनियर लेफ्ट नेता ने दोनों के बीच रिश्ते की संभावना तलाशने की बात कही। बाद में लालू की बड़ी बेटी मीसा भारती ने इसमें दिलचस्पी दिखाई और रिश्ते की बात बन गई।

खुशी की बात

रामगोपाल यादव ने कहा कि यह खुशी की बात है। राजनीति और रिश्तेदारी अलग-अलग चीजें। वहीं खुद मीडिया से बातचीत में तेजप्रताप ने कहा कि यह हमारे बाबा मुलायम सिंह का फैसला है और हमारे परिवार में बड़े ही शादी तय करते हैं।

ग्रैंड पार्टी की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, 16 दिसंबर को दिल्ली में सगाई हो सकती है। इसे एक बड़े पॉवर शो के रूप में भी पेश किया जा सकता है। उस दौरान संसद का सत्र चलता रहेगा ऐसे में ज्यादातर सांसद दिल्ली में ही रहेंगे।

लालू की सबसे छोटी बेटी है राजलक्ष्मी

तेज प्रताप मुलायम सिंह यादव के बड़े भाई रतन सिंह के पोते हैं। उन्होंने लंदन से एमबीए की पढ़ाई की। वह अभी पिछले दिनों मुलायम सिंह यादव की ओर से खाली की गई सीट मैनपुरी से सांसद बने हैं। वहीं लालू प्रसाद की सातवीं और सबसे छोटी बेटी है राज लक्ष्मी। लालू ने अपने सभी 7 बेटियों की शादी यादव परिवार में ही की है।

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