Home » National News » दिल्ली चुनावः अमित शाह ने दिया गुरुमंत्र, बताई तारीख

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को प्रदेश पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान शाह ने कहा कि आप विपक्षी पार्टी बनकर चुनाव में जाने की तैयारी करें। आधे घंटे की मुलाकात में कुछ सुझाव पर भी चर्चा हुई।



उन्होंने स्वच्छता अभियान में ईमानदारी से जुटने को कहा। जनसंपर्क बढ़ाने और लोगों तक पहुंच बनाने के लिए डोर-टू-डोर कैंपेन पर जोर देने का गुर सिखाया। इस दौरान तय किया गया कि 30 नवंबर तक शहरी केंद्रों तक कार्यकर्ता बैठकों का दौर समाप्त करें।



इसके साथ ही 1 से 20 दिसंबर के बीच नुक्कड़ सभा की तैयारी करें। इस बाबत संसदीय कार्य मंत्री से भी मुलाकात करेंगे। नुक्कड़ सभा में सांसदों की भी मदद ली जाए। इसके साथ ही आम जनता से फीडबैक लेने का भी मशविरा कार्यकर्ताओं को मिला।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ली प्रदेश नेताओं की क्लास

शाह ने प्रदेश के नेताओं से कुछ सुझाव भी मांगे। इस दौरान एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को फटकार भी सहनी पड़ी। जब उन्होंने केंद्र सरकार को कुछ योजनाओं को घोषित कर चुनाव में जाने की तरकीब समझाई तो शाह ने कहा कि हमें विपक्षी पार्टी के तौर पर चुनाव में जाना है, यानी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का पोल खोलना ज्यादा जरूरी है।



इस दौरान दिल्ली के एक सांसद ने शाह से कहा कि हमें दिल्ली में दलितों का सम्मेलन करना चाहिए। इसके जवाब में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सुझाव स्वागत योग्य है, लेकिन इसका आदेश आपके प्रदेश अध्यक्ष देंगे। बाद में असंगठित मोर्चा के अध्यक्ष ने भी कुछ समस्याओं को लेकर सुझाव दिए। शाह ने कहा कि राज्यसभा सदस्य विजय गोयल को दिल्ली का आठवां सांसद माना जाए।



प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि यह संगठन की बैठक थी। जिसमें बूथ प्रबंधन, सदस्यता अभियान के बारे में बताया गया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी प्रभात झा, संगठन महामंत्री विजय शर्मा, सांसद डॉक्टर हर्षवर्धन, प्रोफेसर वीके मल्होत्रा समेत विधायक, पार्षद व प्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी के सदस्य शामिल हुए।

मोदी मैजिक को जानने आए जर्मन सांसद

जर्मनी के सांसद मोदी मैजिक को समझने के लिए मंगलवार को दिल्ली में भाजपा नेताओं से मिले। जर्मनी के सांसदों व अन्य नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक प्रो. जगदीश मुखी, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सरदार आरपी सिंह व भाजयुमो नेता शिवम छाबड़ा से मुलाकात की। मुलाकात के बाद प्रो. जगदीश मुखी ने कहा की जर्मन सांसद मार्क हॉपमैन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने मोदी मैजिक से संबंधित जानकारियां हासिल की।



केवी में जर्मन भाषा को लेकर असमंजस समाप्त

केंद्रीय विद्यालयों में वर्तमान सत्र से तीसरी भाषा के रूप में मिलने वाले जर्मन भाषा के अध्ययन के विकल्प को खत्म किए जाने को लेकर बन रहा असमंजस समाप्त हो गया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने साफ किया है कि इस फैसले का असर जर्मन की पढ़ाई कर रहे छात्रों और इस भाषा को पढ़ा रहे शिक्षकों पर नहीं पड़ेगा।



दरअसल, केवी में तीसरी भाषा के रूप में जर्मन भाषा का अध्ययन खत्म किए जाने के बाद से अनुबंध के आधार पर पढ़ा रहे शिक्षकों को नौकरी जाने का डर सता रहा था। वहीं, छात्रों को डर था कि सत्र के बीच में आए इस फैसले से उनकी पढ़ाई का क्या होगा। अब केंद्रीय विद्यालय संगठन की संयुक्त आयुक्त (ट्रेनिंग) डॉ. सच्चिकांत ने सभी उपायुक्तों को सर्कुलर भेजा है।



इसमें साफ किया गया है कि ताजा बदलाव के बाद भी छठी से आठवीं तक के छात्र अतिरिक्त विषय या हॉबी क्लास के तौर पर जर्मन पढ़ सकते हैं। इसके साथ ही इस भाषा को पढ़ा रहे शिक्षकों को वर्तमान में चले आ रहे निर्धारित नियमों और शर्तों के मुताबिक ही काम करना होगा। सभी उपायुक्तों को इस जानकारी को जल्द से जल्द अपने दायरे में वाले स्कूलों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है।

 

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