Home » Dharam » दुनिया रंगीन क्यों दिखती है?

आंखों को ईश्वर की अनमोल भेंट कहा जाता है। इनके द्वारा हम इस रंग-बिरंगी दुनिया को देख सकते है। आंखों की कीमत वह व्यक्ति भली- भांति जानता है, जिसकी आंखों की रोशनी किसी वजह से चली जाती है। आखिर हमारी आंखों मे ऐसी क्या विशेषता है, जो वे हर चीज को उसके वास्तविक रगं रूप में देख लेती है।

 

हमारी आंखों की रेटीना पर छोटी-छोटी कोशिकाओें की एक परत होती है। इन कोशिकाओं को रॉड्स और कोन्स कहा जाता है। इन कोशिकाओं में ऐसा प्रकाश संवेदी पदार्थ होता है, जो अलग-अलग रंगों का प्रकाश पड़ने पर प्रतिक्रिया दिखाता है। रॉड्स नामक कोशिकाएं सिर्फ ब्लैक एंड व्हाइट प्रकाश के प्रति प्रतिक्रिया दिखाती है, जबकि कोन्स नामक कोशिकाएं विभिन्न रंगों के  प्रकाश के प्रति प्रतिक्रिया दिखाती हैं। जब भी कोन्स कोशिकाओं पर अलग-अलग रंग का प्रकाश पड़ता है, तो उस रंग से सम्बन्धित सूचना मस्तिष्क को भेजती है। इसी के फलस्वरूप हम किसी भी वस्तु की रंगीन छवि देख पाते हैं, लेकिन इन कोशिकाओं की एक विशेषता यह है कि ये सिर्फ चमकीले प्रकाश में ही काम करती है। यही वजह है कि जब प्रकाश कम हो, तब हम कई चीजों को उनसे वास्तविक रंग में नहीं देख पाते।

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