Home » National News » प्रधानमंत्री की कोशिशों से सुधर सख्ती है भारत की साख

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में निवेश का माहौल सुधारने में जुटी मोदी सरकार की कोशिशों का असर होता दिख रहा है। विश्व की प्रमुख रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने भारत की संप्रभु साख के दर्जे में सुधार कर दिया है। अभी तो एसएंडपी ने भारत की रेटिंग नकारात्मक से बेहतर कर स्थिर किया है, लेकिन अगर आर्थिक मोर्चे पर सकारात्मक कदम यूं ही उठाए जाते रहे तो रेटिंग को और बेहतर किया जा सकता है।

हालांकि रेटिंग एजेंसी ने सरकार को आगे भी सुधार कार्यक्रमों को जारी रखने की चेतावनी भी दी है। दो वर्ष पहले एसएंडपी ने भारत की रेटिंग को स्थिर से घटा कर नकारात्मक कर दिया था। दुनिया की छह प्रमुख रेटिंग एजेंसियों में सिर्फ एसएंडपी ने ही इसे नकारात्मक किया था। उस वक्त संप्रग सरकार के कार्यकाल में देश आर्थिक व राजनीतिक मोर्चे पर जबरदस्त नकारात्मक माहौल में घिरा हुआ था। आर्थिक विकास दर पांच फीसद से भी नीचे जा चुकी थी। चालू खाते का घाटा काफी बढ़ चुका था। विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा था। संप्रग सरकार कोई फैसले नहीं कर पा रही थी। देश में निवेश का माहौल भी खत्म हो चुका था। तत्कालीन सरकार ने इस पर तल्ख प्रतिक्रिया जताई थी।

खास बात यह है कि गुरुवार को खुद एसएंडपी ने रेटिंग सुधार के लिए सबसे ज्यादा श्रेय भारत में बदले राजनीतिक माहौल को दिया है। एसएंडपी ने जिस समय भारत की रेटिंग सुधारने का फैसला किया है, वह भी अपने आप में महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने एक दिन पहले ही भारत को मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने के लिए मेक इन इंडिया कार्यक्रम को लांच किया है।

गुरुवार की सुबह ही वह अमेरिका पहुंचे हैं जहां उनकी मुलाकात अमेरिका की तमाम बड़ी कंपनियों के प्रमुखों से होनी तय है। इन एजेंसियों की रेटिंग को सबसे ज्यादा भाव अमेरिका की कंपनियां ही देती हैं। ऐसे में मोदी के लिए भारत को एक सुरक्षित निवेश स्थल के तौर पर पेश करने में आसानी होगी। रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि भारत में चुनाव के बाद बदले राजनीतिक माहौल की वजह से उसे रेटिंग को सुधारने में मदद मिली है।

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