Home » madhya pradesh » पैसा कमाना हो तो उत्तरप्रदेश आओ, परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह यूपी

अप्रैल से नोट गिनना बंद हो गए हैं 
जनकाल संवाददाता 
इंदौर। मध्यप्रदेश में शहर की सफाई और परिवहन व्यवस्था देखने आए उत्तरप्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने मंगलवार को इंदौर आरटीओ परिसर में विवादास्पद टिप्पणी कर दी। आरटीओ कार्यालय में प्रशिक्षण ले रहे अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों से चर्चा के दौरान मंत्री ने कहा यहां क्या है ?
 अगर पैसा कमाना है तो यूपी आओ। बाद में पत्रकारों ने यूपी में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा कर रहे मंत्री से प्रशिक्षु एआरटीओ को पैसा कमाने के लिए यूपी बुलाने के बारे में पूछा तो कहने लगे हमारी सरकार बनने के बाद यूपी में भ्रष्टाचार कम हो गया है। अब बिहार और मध्यप्रदेश से आने वाली ओवरलोड बसें उत्तर प्रदेश में प्रवेश नहीं कर पाएंगी। बाद में उन्होंने आरटीओ में लागू सिस्टम को वाराणसी या दूसरे बड़े शहरों में जल्द लागू करने की मंशा जताई। दोपहर में मंत्री करीब एक घंटे परिसर में रहे। आरटीओ डॉ. एमपी सिंह और परिवहन उपायुक्त संजय सोनी ने उन्हें सिस्टम से जुड़ी जानकारियां दीं। बाद में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि यहां कई व्यवस्थाएं अच्छी हैं जिन्हें हम उत्तर प्रदेश में लागू करेंगे। फिलहाल हमारे पास बजट नहीं है लेकिन हम प्रयास करेंगे और वाराणसी, लखनऊ जैसे किसी शहर में इस तरह का ऑटोमैटेड ट्रायल सिस्टम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा- हम प्रयास कर रहे हैं कि मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच सरकारी बस सेवा को शुरू की जाए। इसके लिए जल्द ही दोनों प्रदेश के परिवहन विभाग के अफसर चर्चा करेंगे। लाइसेंस शाखा में पक्का लाइसेंस बनवाकर बाहर निकल रहे नाटे कद के अभिषेक वर्मा से मंत्री सिंह ने पूछा- आपका लाइसेंस था। अभिषेक के हां कहने पर मंत्री ने पूछा- कौनसी गाड़ी चलाते हो। अभिषेक के पल्सर कहने पर मंत्री ने कहा- पल्सर चला लेते हो तुम और हंसते हुए आगे बढ़ गए। आरटीओ कक्ष के बाहर बैठे एक व्यक्ति से उसके आने का कारण पूछा। नाम ट्रांसफर कराने आए युवक से भी पूछा कि यहां कोई समस्या तो नहीं आती है।

 

 

 

 

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