Home » madhya pradesh » सीधीबात में गाँधी मेडिकल कॉलेज और एम वाय अस्पताल इंदौर के डीन ( अधिष्ठाता ) डॉ शरद फोरा

सरकार की स्थानांतर नीति दोहरी, डॉ शरद फोरा  

शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते राजनीति हस्ताक्षेप और मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित अस्पताल हॉस्पिटल महाराजा यसवंतराव में स्थानांतरण व हॉस्पिटल कि कार्यशेली को देखते हुये संभाग के अधिष्ठाता डॉ शरद फोरा से जनकाल सन्देश के संवाददाता मनीष कुमार राठौर से खास बातचीत के कुछ अंश  

सवाल – राज्य शासन के भर्ती नियम के अनुसार चिकित्सा शिक्षा विभाग तृतीय वर्ग के कर्मचारियों स्टाफ नर्स को भर्ती के समय कितने वर्ष के लिए परिवीक्षा अवधि पर रखा जाता है ?

जवाब – एम.पी. पी. एस. सी या प्रोफेश्नल एग्जाम बोर्ड ( व्यापम ) के द्वारा भर्ती होती है जिसके बाद नियमानुसार स्टाफ नर्स की भर्ती होती है ! जिसमें दो वर्ष के लिए परिवीक्षा अवधि पर रखा जाता है, जिसके बाद उन्हें निरंतर कर दिया जाता है !

 

सवाल – क्या परिवीक्षा अवधि में स्टाफ नर्स कि प्रतिनियुक्ति में स्थानान्तरण हो सकता है ?

जवाब – परिवीक्षा अवधि में किसी भी प्रकार का स्थानांतरण नहीं हो सकता ये नियम में नहीं है इसकी जानकारी नियुक्ति प्रमाण पात्र पर भी दी जाती है, आप कह रहे है कि प्रतिनियुक्ति में स्थानान्तरण हुआ है और ऐसे बहुत से मामले है तो इसकी जानकारी मुझे नहीं ये कैसे हुआ !

 

सवाल – परन्तु जनकाल सन्देश समाचार के पास ऐसे बहुत से मामले संज्ञान में आये है जिसमें स्थानांतर हुए है ?

जवाब – मेरे ज्ञान में ऐसी कोई जानकारी नहीं है, क्योंकि नियम में ये है ही नहीं कि स्टाफ नर्स का स्थानांतरण किया जा सके ! यदि चिकित्सा शिक्षा संचालक या मंत्री ने ऐसा किया है तो मुझें जानकारी नहीं हैं ये आदेश शासन से सम्बंधित है !

 

सवाल – क्या परिवीक्षा अवधि के बाद स्थानांतरण संभव है ?

जवाब – दो वर्ष के बाद प्रतिनियुक्ति में स्थानांतरण किया जा सकता है, इसके लिए जो दो लोग एक स्थान से दुसरें स्थान पर जा रहे है, और उससे मेडिकल कॉलेज को कोई परेशानी न हो जिसके लिए डीन की मजूरी और कर्मचारी का व्यवहार कुशल होना जरुरी होती है या उस अस्पताल के चिकित्सा अधिकरी से अनुमति लेना होता है !

 

सवाल – कब किसी कर्मचारी कि परिवीक्षा अवधि बड़ा या उन्हें स्थाई नौकरी पर कर दिया जाता है ?

जवाब – कार्यरत कर्मचारियों के मानवीय व्यवहार एवं कार्यकुशलता को देख कर उनकों निरंतर करने के विषय में विचार किया जाता है ! नियम अनुसार दो वर्ष कि परिवीक्षा अवधि के बाद स्टाफ नर्स को स्थाई नौकरी पर कर दिया जाता है, यदि काम ठीक तरह से नहीं किया जाता है तो उनकी परिवीक्षा अवधि पांच या सात वर्ष के लिए बढ़ा दी जाती है !

 

सवाल – स्वासी संस्था हो या शासकीय किसी भी परिस्थिति में स्थानान्तरण नीति नहीं है पर फिर भी स्थानांतरण हो जाता है कैसे ?

जवाब – मंत्री आदेश भेजते है हम जानकारी दे देते है, बाकि काम संचालक एवं सचिव या राज्यपाल मंत्री के आदेश अनुमोदन पर होते है !

 

सवाल – ये गलत है क्युकी जिनकी पहुँच मंत्री तक होती है वो ही स्थानांतरण करा पते है, इसमें समान्ता नहीं है आम कर्मचारी क्या करेगा ?

जवाब – प्रतिनियुक्ति हो या साधारण स्थानांतरण दोनों के लिए नियम में साफ है कि मंत्री अनुसंशा के अनुसार स्थानांतरण किये जा सकते है, परन्तु ये गलत है क्युकी स्थानांतरण हो तो सभी के अन्यथा न हो !

 

सवाल – प्रतिवर्ष जब स्थानांतरण पर रोक लगी होती है तो बिच में एक माह के लिए रोक क्यों हटा दी जाती है जबकी स्थानांतरण नियम विरुद्ध ही होते है ?

जवाब – नियमानुसार जो रोक हटते के बाद उस माह में आवेदन करता है, उनका प्रतिनियुक्ति के आधार पर स्थानांतरण कर दिया जाता जाता है, पूर्ण स्थानांतरण नहीं किया जाता यदि किसी का इसके बीच में या स्थाई स्थानांतरण हुआ है तो इसकी जानकारी मुझे नहीं है और स्थानांतरण हुआ है तो मंत्री जी, सचिव, संचालक के अनुमोदन पर वो ही करते शासन के पास अधिकार है वो कर सकते है मुझे नहीं मालूम पर ये नियम विरुद्ध है !

 

 

 

सवाल – एम वाय अस्पताल में निरंतर अनियमितता सामने आ रही है इसके सुधार के लिए क्या कदम उठाये जा रहे है ?

जवाब – इसके लिए अस्पताल में सी.एम.एच.ओ. है, उनके दिशा निर्देश पर काम होते है, यदि कुछ सुधार नहीं होता है तो मुझे जिम्मेदारी संभालना पड़ता है गड़बड़ी रोकने के लिए पिछले कुछ महीने पहले ही दो अधिकारीयों को बर्खास्त किया गया है ! अगर कोई अनियमितता आती है तो उसे रोकने का काम किया जाता है !

 

सवाल – मेडिकल कॉरपोरेशन का गठन किया जा रहा है, इस बारे में आप का क्या विचार है ?

जवाब – स्वायत्तशासी डॉक्टर इस मेडिकल कॉरपोरेशन का विरोध कर रहे है, जो एक प्रकार से सही है क्युकी यह विभाग भी कॉरपोरेट के हाथ चला जायेगा जिससे डॉक्टर खुलकर सेवा नहीं दे पाएंगे !

सवाल – डॉक्टर को निरक्षण करने के लिए एक जिलें से दुसरें जिलें में फिर उन्हें वही निरंतर काम करना पड़ता है, इस विषय में आपके विचार क्या है ?

 

जवाब – निरिक्षण के नाम पर डॉक्टरों को एक जिलें से दुसरें जिलें में भेज तो दिया जाता है, पर उन्हें उसी स्थान पर रह कर काम करना पड़ता है ! ये गलत है क्युकी डॉक्टरों को वापस नहीं बुलाया जाता जबकि उझे वापस बुलाना चाहिए वो कुछ समय के लिए ही भेजा जाता है जिससे उनके कार्यशेली पर प्रभाव पड़ता है !

 

 

 

सवाल – आप क्या चाहते प्रदेश कि सरकार से ?

सवाल – मध्य प्रदेश सरकार को मेडिकल कॉरपोरेशन का गठन नही करना चाहिए, स्थानांतरण के नियमों को सरल बनाना चाहिए, जिससें तृतीय वर्ग के कर्मचारियों को भटकना न पड़े !

 

 

 

 

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