Home » National News » गर्दन में पेंचकस घोप कर की थी प्रहरी रमा शंकर की हत्या,पेचकस हो गया था आरपार

भोपाल: शहीद प्रहरी रमाशंकर यादव की गरदन पर पीछे से पेंचकस वार किय गया था ; जो उसकि गरदन को भेद कर टेटुये  के पार निकल गया थ | ज़ाहिर है जब उन आरोपियों ने टूथब्रश के प्लास्टिक से चावी बनाई तो उनके पास तो ramashankarनुकीली चीज़ होगी ही | आतंकियों से सुहानुभूति रखने वालो को बता दे की ये आतंकी कोई जेल पिकनिक मनाने नहीं आये थे | आतंक फेलाने जेसे देशद्रोह के आरोपी थे | ये वो शेतान थे जो निहत्थे मासूम लोगो के बिच दहशत फेलाते एवं उनके जान माल के नुकसान के आरोपी थे |

यहाँ यह ज्ञातव्य हो कि चीफ जमादार की पोस्ट खली थी और एक प्रहरी राजू खान वर्षो से चीफ जमादार कार्यालय में प्रहरियो की डियूटी लगाने की ज़िम्मेंदारी निभाराहा है जेल विभाग की ये बहुत बडी विसंगति है समय पर

प्रमोशन न करना या करना तो किसि प्रलोभन वश नियमो को ताक में रख कर जूनियर्स को भी प्रमोशन कर देना |

                               विचारणीय प्रश्न यह है की रमाशंकर यादव से पूर्ण १०-२ रात्रि की ड्यूटी पर कोन थ ? रात्रिकालीन राउंड जेल में तीन बार होता है ; तीनो बार अलग अधिकारी होते है ; पहला दास से बारह के बीच किसका भ्रमणं थ ; दूसरा रात्रि बारह से दो के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन था और उसकि टिप क्या थी ? तीसरा रात्रि दो से चार के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन थ और उसकि टीप क्या थी ? एन अधिकारियो को निलाम्भित किया गया ? |

     उल्लेखनीय बात यह है की रात्रि भ्रमण पुस्तिका दो बजे एवं २.50 पर खेरियत रिपोर्ट दर्ज की है | जबकि २.२५ रात्रि पर प्रहरी रमाशंकर की निर्मम हत्या हुई जिस की पुष्टि पोस्त्मर्तम रिपोर्ट ने की | रात्रि कालीन अधिकारियो की लापरवाही का यहज्वलंत उदाहरण है |

                                    जेल प्रहरियो में नहीं होती है किलर इन्स्तिंत ; अर्थात दुसरे को मारने की इच्छा नहीं उनको हथियार चलाने न ही कोई सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के कोई सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग इन प्रहरियो को दी जाती है |

            अभी अभी तक इन प्रहरियो की भर्ती जेल अधीक्षक  करते थे जिसमे सभी रहका भ्रष्टाचार और दोगुना-चारगुना हो गया थ | पिछली भर्तियो में धांधली के कारण कई अधिकारियो पर जाच बिठाई गई थी | जेल प्रहरी जेल के अंदर बिना हथियार के ड्यूटी देते थे |    

भोपाल: शहीद प्रहरी रमाशंकर यादव की गरदन पर पीछे से पेंचकस वार किय गया था ; जो उसकि गरदन को भेद कर टेटुये  के पार निकल गया थ | ज़ाहिर है जब उन आरोपियों ने टूथब्रश के प्लास्टिक से चावी बनाई तो उनके पास तो नुकीली चीज़ होगी ही | आतंकियों से सुहानुभूति रखने वालो को बता दे की ये आतंकी कोई जेल पिकनिक मनाने नहीं आये थे | आतंक फेलाने जेसे देशद्रोह के आरोपी थे | ये वो शेतान थे जो निहत्थे मासूम लोगो के बिच दहशत फेलाते एवं उनके जान माल के नुकसान के आरोपी थे |

यहाँ यह ज्ञातव्य हो कि चीफ जमादार की पोस्ट खली थी और एक प्रहरी राजू खान वर्षो से चीफ जमादार कार्यालय में प्रहरियो की डियूटी लगाने की ज़िम्मेंदारी निभाराहा है जेल विभाग की ये बहुत बडी विसंगति है समय पर

प्रमोशन न करना या करना तो किसि प्रलोभन वश नियमो को ताक में रख कर जूनियर्स को भी प्रमोशन कर देना |

                               विचारणीय प्रश्न यह है की रमाशंकर यादव से पूर्ण १०-२ रात्रि की ड्यूटी पर कोन थ ? रात्रिकालीन राउंड जेल में तीन बार होता है ; तीनो बार अलग अधिकारी होते है ; पहला दास से बारह के बीच किसका भ्रमणं थ ; दूसरा रात्रि बारह से दो के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन था और उसकि टिप क्या थी ? तीसरा रात्रि दो से चार के बिच भ्रमणं अधिकारी कोन थ और उसकि टीप क्या थी ? एन अधिकारियो को निलाम्भित किया गया ? |

     उल्लेखनीय बात यह है की रात्रि भ्रमण पुस्तिका दो बजे एवं २.50 पर खेरियत रिपोर्ट दर्ज की है | जबकि २.२५ रात्रि पर प्रहरी रमाशंकर की निर्मम हत्या हुई जिस की पुष्टि पोस्त्मर्तम रिपोर्ट ने की | रात्रि कालीन अधिकारियो की लापरवाही का यहज्वलंत उदाहरण है |

                                    जेल प्रहरियो में नहीं होती है किलर इन्स्तिंत ; अर्थात दुसरे को मारने की इच्छा नहीं उनको हथियार चलाने न ही कोई सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के कोई सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग इन प्रहरियो को दी जाती है |

            अभी अभी तक इन प्रहरियो की भर्ती जेल अधीक्षक  करते थे जिसमे सभी रहका भ्रष्टाचार और दोगुना-चारगुना हो गया थ | पिछली भर्तियो में धांधली के कारण कई अधिकारियो पर जाच बिठाई गई थी | जेल प्रहरी जेल के अंदर बिना हथियार के ड्यूटी देते थे |  

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