Home » National News » जे.एन.यू. ::लापता छात्र के लिए हो रहा है बवाल,कुलपति को बना रखा है 21 घंटे से बंधक

नई दिल्ली। जेएनयू एक बार फिर सुर्खियों में है। एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में पढ़नेवाले छात्र नजीब अहमद के लापता होने पर हंगामा मचा हुआ। 6 दिनों से लापता नजीब की गुमशुदगी को लेकर जेएनयू के छात्रों ने वाइस चांसलर सहित यूनिवर्सिटी प्रशासन के 10 लोगों को बुधवार शाम से बंधक बना रखा है। सभी अब भी एडमिन ब्लॉक में कैद हैं। हालांकि छात्र नेता विश्वविद्यालय के अधिकारियों को बंधक बनाने से इनकार कर रहे हैं।

15 अक्टूबर को नजीब और कुछ छात्रों में झगड़ा हुआ था। आरोप के मुताबिक एबीवीपी के छात्रों ने कुछ बाहरी लोगों के साथ मिलकर नजीब के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि उसी के बाद से छात्र नजीब गायब है। हालांकि एबीवीपी इन आरोपों से इनकार कर रही है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले को लेकर दिल्ली के पुलिस कमिश्नर आलोक वर्मा से बात की है। दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और नजीब को पता बताने वाले के लिए 50 हजार के इनाम का भी ऐलान किया है।

 

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आज जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर छात्र से वापस लौटने की मांग की। वीसी ने कहा कि पिछले 21 घंटे से हमें बंधक बनाकर रखा गया है। मेरे साथ बीमार लोगों को भी बंधक बनाया गया है। छात्र हमारी बात मानने को तैयार है। छात्र नहीं माने तो एक्शन लिया जाएगा।

हम लोगों ने छात्रों  से बहुत बार बात की और कहा कि नजीब अहमद को ढूंढ़ने के लिए सारे प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस को भी कई लेटर लिख चुके हैं। हमारे लोग लगातार पुलिस के संपर्क में हैं। यूनिवर्सिटी की ओर से हर तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। हम लोग नजीब अहमद से अपील करते हैं कि वह लौट आएं और अपनी पढ़ाई पूरी करें।

वाइस चांसलर ने कहा कि ये बहुत ही अलोकतांत्रिक काम है। जिन अधिकारियों को यहां कैद किया गया है, उन्होंने कल से कुछ खाया नहीं और लोग फ्लोर पर सोने के लिए मजबूर हैं। हम लोगों ने छात्र को खोजने के लिए जांच बैठा दी है। कल करवाचौथ का फास्ट था और हमारे दो अफसरों की पत्नी आई थीं, पर उनको भी इमारत में आने नहीं दिया गया। अगर बातचीत बेकार जाती है तो पुलिस की मदद लेनी पड़ेगी।

वहीं, जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष मोहित पांडेय ने कहा कि हमने जेएनयू के प्रशासनिक भवन में किसी को अवैध रूप से बंधक नहीं बनाया। बिजली और दूसरी सभी तरह की आपूर्ति जारी है। हमने भीतर खाना भेजा है। दूसरी तरफ, पुलिस विश्वविद्यालय परिसर के बाद बाहर मौजूद है और अंदर दाखिल होने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति का इंतजार कर रही है।

राजनाथ ने की पुलिस से बात

इस पूरे मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खुद दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से बात की है। दिल्ली पुलिस ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए छात्र का पता बताने वाले के लिए 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस ने नजीब अहमद को ढूंढ़ने के लिए बाकायदा पोस्टर भी लगाए हैं।

बताया जा रहा है कि चीफ प्रॉक्टर बड़ी मुश्किल से यहां से निकल पाए। छात्रों में  इस बात का गुस्सा है कि एक छात्र की गुमशुदगी पर जेएनयू प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। जेएनयू का छात्र नजीब 15 अक्टूबर से गायब है। छात्रसंघ के नेता नजीब की गुमशुदगी के लिए एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

क्या है मामला?

दरअसल जेएनयू का छात्र नजीब अहमद 15 अक्टूबर की सुबह से ही गायब है। आरोप है कि 14 अक्टूबर की रात यूनिवर्सिटी के माही मांडवी छात्रावास में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उससे मारपीट की। इस सिलसिले में उसने फोन पर अपनी मां को भी खबर दी थी । लेकिन छात्र की मां जब उसके हॉस्टल पहुंची वो गायब था। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि जेएनयू प्रशासन आरोपी छात्रों के खिलाफ कोई कारर्वाई नहीं कर रहा ।

सवाल ये है कि आखिर पांच दिन से लापता छात्र नजीब गया कहां? यूनिवर्सिटी प्रशासन अब उससे वापस लौटने की अपील क्यों कर रहा है। बहरहाल, इस पूरे मामले को लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट तलब की है।

वहीं वीसी जगदीश कुमार का कहना है कि बंधक बनाए गए यूनिवर्सिटी प्रशासन के लोगों में 2 की तबीयत भी बिगड़ रही है जिसमें एक डायबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर के मरीज शामिल हैं। वहीं जेएनयू में एबीवीपी के नेता सौरभ शर्मा का कहना है कि वामपंथी छात्राओं के चलते कैंपस में अराजकता फैली हुई है। सौरभ शर्मा ने आरोप लगाया कि उनको चिट्ठी मिली है जिसमें जान से मारने की धमकी दी गई है।

 

 

 

 

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