Home » National News » मुंबई में सड़क किनारे फूड स्टॉल चलाने वालों ने ‌‌~50 करोड़ की ब्लैकमनी डिक्लेयर की

मुंबई और आसपास के इलाकों में सड़क के किनारे फूड स्टॉल चलाने वालों ने केंद्र सरकार की इनकम डिक्लेयरेशन स्कीम (आईडीएस) के तहत 50 करोड़ रुपये की कैश और प्रॉपर्टीज की जानकारी दी है। इससे हफ्ते भर पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने देशभर में ऐसी दुकानों पर छापे मारे थे।

सूत्रों ने बताया कि फूड स्टॉल मालिकों को इस ब्लैकमनी 

पर 22.5 करोड़ के टैक्स और पेनाल्टी का भुगतान करना होगा। पिछले दो हफ्तों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने करीब 200 ईटरीज पर छापे मारे थे। इसमें ठाणे का एक जाना-माना वड़ा पाव सेंटर, घाटकोपर का एक डोसा सेंटर, अंधेरी का सैंडविच सेंटर और साउथ मुंबई का जलेबीवाला शामिल था।

एक शख्स ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, 'घाटकोपर के जूस सेंटर के मालिक ने आईडीएस के तहत 5 करोड़ कैश और प्रॉपर्टी डिक्लेयर की है। कुछ दूसरे सड़क किनारे फूड स्टॉल के मालिकों ने भी 2 करोड़ से लेकर 25 लाख तक की ब्लैकमनी की जानकारी दी है।' इस सूत्र ने बताया कि पिछले गुरुवार तक मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में 5,000 करोड़ रुपये की ब्लैकमनी डिक्लेयर की गई थी।

इस स्कीम के तहत काले धन की जानकारी देने वाले एक शख्स ने बताया, 'इनकम टैक्स ऑफिशियल्स ने कहा कि हमें आईडीएस के तहत एसेट्स की जानकारी देनी ही होगी। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो वे फिर से आकर हमारी दुकानों पर छापे मारेंगे। इसके बाद हमने अपने टैक्स एडवाइजर से मदद मांगी।' वह ईटरी के को-ओनर हैं।

एक वकील ने बताया कि इस स्कीम के तहत काले धन की जानकारी देने पर बाद में प्रताड़ित किए जाने का डर है। हालांकि, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि ऐसा नहीं होगा। एक वकील ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, 'मेरे एक क्लाइंट 35 करोड़ की ब्लैक मनी की जानकारी देना चाहते थे, लेकिन मैंने उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी। अगर वह इतनी बड़ी रकम डिक्लेयर करते तो भविष्य में उन्हें परेशान किए जाने का डर था। उनके बेटे की शादी होने वाली है। इसलिए मैंने क्लाइंट से तुर्की में शानदार शादी का समारोह करने को कहा। मैंने उनसे कहा कि आप शादी समारोह पर पूरी ब्लैकमनी खर्च कर दीजिए।' कुछ हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स ब्लैकमनी डिक्लेयर करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने यह पैसा प्रॉपर्टी में लगाया हुआ था। इसलिए वे ऐसा नहीं कर सके। एक टैक्स एडवाइजर ने बताया, 'आप लोगों से करोड़ों की प्रॉपर्टी कुछ महीनों के अंदर बेचने की उम्मीद नहीं कर सकते। अभी इनमें से कई लोगों के पास 45 पर्सेंट की पेनाल्टी देने के लिए रकम नहीं थी।' चार महीने चली आईडीएस स्कीम पिछले शुक्रवार को खत्म हो गई।

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