Home » State Special » नक्सली हमले में शहीद के परिवार से अंतिम संस्कार के पैसे मांगे वापस

shahidरायपुर. नक्सली हमले में जवान शहीद, सड़क से लेकर सरकार गमगीन। करारा जवाब दिया जाएगा, कायराना हरकत, परिजनों को लाखों की सहायता, सलामी, अंतिम संस्कार में शामिल हुए मंत्री। कुछ ऐसी ही लाइनें पढ़ने और सुनने को मिलती हैं जब एक जवान शहीद होता है। लेकिन श्रद्धांजलि और सम्मान के इस पूरे नाटक के बाद उसी शहीद के घर अंतिम संस्कार में खर्च हुए वेलफेयर के पैसे वापस लौटाने का पत्र भेज दिया जाता है। गरियाबंद रक्षित केंद्र से 2011 में शहीद हुए एक जवान के भाई को पत्र लिखा गया है जिसमें अंतिम संस्कार के लिए दिए गए 10000 वापस लौटाने की मांग की गई। इस मामले में सरकार की किरकिरी हुई तो बुधवार की सुबह बीजापुर से वापस लौटते ही सीएम रमन सिंह ने मुख्य सचिव विवेक ढांड और डीजीपी एएन उपाध्याय को तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा। जिस अधिकारी ने पत्र जारी किया था उसे सस्पेंड कर दिया गया है, साथ ही गरियाबंद पुलिस अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
 
मामला मीडिया में आने के बाद मंगलवार की देर रात डीजीपी एएन उपाध्याय ने नोटिस वापस लेने के निर्देश दे दिए थे। गौरतलब है कि रक्षित केंद्र गरियाबंद से रक्षित निरीक्षक नितेश द्विवेदी द्वारा 23 मई 2011 में नक्सली हमले में शहीद हुए एसपीओ किशोर पांडे के भाई कौशल पांडे को पत्र लिखा गया था। 12 अप्रैल को जारी इस पत्र का विषय है, 'शहीद एसपीओ किशोर पांडे के अंतिम संस्कार हेतु वेलफेयर फंड से प्रदाय अग्रिम राशि की वापसी बाबत।'


पत्र में लिखा गया कि शहीद के कफन-दफन हेतु वेलफेयर फंड से उनके परिवार को 10000 रुपए दिए गए थे। ये पैसे उनके द्वारा अभी तक वापस नहीं किए गए हैं, इसके लिए 8 जून 2014 को पत्र जारी किया गया था लेकिन परिवार के द्वारा पैसे नहीं जमा किए गए। पत्र में जल्द से जल्द पैसे जमा कराने की बात लिखी गई है। पत्र की एक कॉपी गरियाबंद एसपी को भी भेजी गई है।
 
क्या है नियम
नियम के अनुसार वेलफेयर फंड अशासकीय निधि है जो पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों को इमरजेंसी में प्रदान की जाती है। किसी जवान की शहादत के बाद यदि उसके परिजनों को सहायता राशि और अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है तो उसके बाद वेलफेयर निधि से दिए गए पैसे वापस ले लिए जाते हैं। पर सवाल ये उठ रहा है यदि पैसे वापस लेने ही थे तो सहायता राशि के रूप में दिए 5 लाख में से काट लेते या फिर अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने के बाद शहीद के भाई के वेतन से काट लिए जाते।
 
हां, मुझे नौकरी व पैसा मिला था: मुझे पत्र मिला है। 5 लाख रुपए और नौकरी भी मिली है। अंतिम संस्कार के लिए जो राशि मिली थी, उसे वापस नहीं किया है। इसकी मुझे जानकारी नहीं थी। मां कलावती पाण्डेय को है, क्योंकि यह राशि उन्हें दी गई थी।-कौशल पाण्डेय, शहीद एसपीओ के भाई
 
गलत कुछ नहीं: आरआई
 
शासकीय नियम के तहत पत्र जारी किया है। अशासकीय निधि मे राशि वापस लेने का प्रावधान है। शहीद एसपीओ के परिवार को पुनर्वास नीति के तहत 5 लाख रुपए और उसके भाई कौशल पाण्डेय को नौकरी दी जा चुकी है

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