Home » Entertainment » रिव्यू : ‘रॉय’ में रणबीर कपूर के नाम पर दर्शकों से धोखा

मुंबई: एक समीक्षक की तरह फिल्म 'रॉय' की समीक्षा से पहले एक संवाददाता की तरह सिनेमाहॉल का कुछ आंखों-देखा हाल बयान कर दूं। सुबह 9 बजे के शो में समीक्षा करने के उद्देश्य से गया 'रॉय' देखने, करीब 60 फीसदी कुर्सियां भरी हुई थीं। नज़ारा देखकर मेरे मुंह से निकला, "ग्रेट… वाओ", क्योंकि किसी फिल्म के लिए यह बड़ी ओपनिंग मानी जाती है, लेकिन थोड़ी ही देर बाद दर्शक बगलें झांकने लगे। सिनेमाहॉल में अजीब-अजीब आवाज़ें आने लगीं, जो दरअसल गालियां थीं। इंटरवल के बाद काफी दर्शक सिनेमाहॉल से निकल गए फिल्म छोड़कर। जो बचे थे, उनमें भी फिल्म देखने वाले कम और मोबाइल पर चैटिंग करने वाले और गेम खेलने वाले ज़्यादा थे। कुछ लोग जाते हुए कहते गए कि इससे अच्छा हम बाहर टाइम पास कर लेते। फिल्म में सक्सेस पार्टी का एक सीन है, जिसे देखकर एक दर्शक ने कहा, हमारे पैसों पर पार्टी कर रहे हो और हमें पका दिया। फिल्म खत्म होने के बाद एन्ड टाइटल में लिखा था, 'डायरेक्टेड बाय विक्रमजीत सिंह', तभी बाहर जाते-जाते मेरे ठीक पीछे से आवाज़ आई, "कौन है यह… पकड़कर लाओ…"



अब बारी आती है 'रॉय' की समीक्षा की। विक्रमजीत द्वारा निर्देशित इस फिल्म में अर्जुन रामपाल, रणबीर कपूर और जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिकाओं में हैं, जिनमें अर्जुन और जैकलीन फिल्म निर्देशक का रोल कर रहे हैं। रणबीर कपूर की भूमिका क्या है, मैं अब भी यही समझने की कोशिश कर रहा हूं। शायद अर्जुन रामपाल की फिल्म की कहानी का एक चोर।



फिल्म को क्या कहें…? एक दिलफेंक आशिक की प्रेम कहानी, जो 22 लड़कियों के साथ टाइमपास रोमांस कर चूका है और 23वीं से असल प्यार हो जाता है। मगर इससे क्यों, इसकी कोई वजह नहीं बताई गई है। ऐसे कई सवाल उमड़ेंगे, कहानी को लेकर आपके दिमाग में भी।



कुल मिलकर एक कन्फ्यूज्ड कहानी है, जिसे समझना मुश्किल है। लंबे-लंबे बोर करने वाले बिना मतलब के सीन। क्या, कब और क्यों हो रहा है, आम दर्शकों की समझ से बाहर है। फिल्म की बहुत ही धीमी रफ्तार और मनोरंजन तो फिल्म में है ही नहीं।



आमतौर पर हम सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स के दर्शक की बात करते हैं, मगर 'रॉय' किस दर्शक के लिए है…? अगर फिल्म की कहानी कहने के स्टाइल को देखें तो यह मल्टीप्लेक्स की फिल्म है, मगर मैं भी मल्टीप्लेक्स में फिल्म देख रहा था, जहां युवा दर्शक फिल्म को बीच में ही छोड़कर वापस जा रहे थे।



फिल्म में मुझे सिर्फ दो गाने ठीक-ठाक लगे, कलाकारों की परफॉरमेंस अच्छी लगी और दृश्य सुन्दर लगे और इसी वजह से मेरी तरफ से फिल्म की रेटिंग है – 1 स्टार…

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