Home » Entertainment » मेरे मार्गदर्शक थे बालचंदर: रजनीकांत

दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने वरिष्ठ निर्देशक के बालचंदर के निधन पर शोक जताया है.

उन्होंने एक बयान में कहा, "बालचंदर मेरे दोस्त, मेरे गुरु, मेरे मार्गदर्शक, सभी कुछ थे. मेरे पास शोक व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. लगता है कि मैंने अपने आपको खो दिया. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे."

मंगलवार रात के बालचंदर के निधन की ख़बर सुनते ही रजनीकांत उनके घर गए और बालचंदर के परिवार के साथ एक घंटे से ज़्यादा समय बिताया.

उनका कहना था, "बालचंदर सर मेरे पिता समान थे. उनके जाने से मैं अपने आपको लावारिस जैसा महसूस कर रहा हूं."

के बालचंदर का मंगलवार को 84 साल की उम्र में चेन्नई में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था.

रजनीकांत, कमल हासन को ब्रेक 

बालचंदर ने 1975 में फ़िल्म अपूर्व रागंगल में पहली बार रजनीकांत को बतौर अभिनेता मौक़ा दिया.

उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा के एक और सुपरस्टार कमल हासन को भी फ़िल्मों में मौक़ा दिया.

बालचंदर को भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के से भी नवाज़ा गया था. 

कई यादगार तमिल फ़िल्मों के अलावा हिंदी फ़िल्मप्रेमी उन्हें 1981 की सुपरहिट फ़िल्म 'एक दूजे के लिए' भी जानते हैं.

यह कमल हासन की पहली हिंदी फ़िल्म थी.

श्रद्धांजलि

कई और फ़िल्मी हस्तियों ने भी ट्विटर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

शेखर कपूर, निर्देशक (@shekharkapur): के बालचंदर भारतीय सिनेमा के मज़बूत स्तंभ थे. उन्होंने रजनीकांत और कमल हासन जैसे विराट कलाकार हमें दिए. उनका जाना बहुत बड़ा नुक़सान है.

रामगोपाल वर्मा, निर्देशक (@RGVzoomin): वह सच्चे मायनों में चमत्कारिक निर्देशक और अपने समय से आगे के फ़िल्मकार थे. उन्होंने अपनी फ़िल्मों में हमेशा प्रचलित मान्यताओं को तोड़ा और नए किस्म का सिनेमा बनाया.

प्रकाश राज, अभिनेता (@prakashraaj): बालचंदर सर, मेरी ज़िंदगी बदलने के लिए शुक्रिया. आपने मुझे ज़िंदगी जीने का तरीक़ा सिखाया. मेरा दिल रो रहा है. आपको हमेशा मिस करूंगा. लव यू.

श्रुति हासन, कमल हासन, के बालचंदर

श्रुति हासन, अभिनेत्री और अभिनेता कमल हासन की बेटी (@shrutihaasan): वह मेरे परिवार का अहम हिस्सा थे. मेरे पिता की ज़िंदगी में उनका अहम योगदान है. अपने महान काम से हमें प्रेरित करने के लिए आपका शुक्रिया.

मधुर भंडारकर, निर्देशक (@imbhandarkar): वह एक शानदार कहानीकार थे. 'एक दूजे के लिए' और 'ज़रा सी ज़िंदगी' जैसी अनमोल फ़िल्मों के लिए वह हमेशा याद रखे जाएंगे.

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