Home » State Special » धूप खिली, दिक्कतें अब भी खड़ी

शिमला : प्रदेश में लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश और बर्फबारी से जनजातीय जिलों में अभी भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्थाओं सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं हो पाई हैं। दुर्गम जिला किन्नौर में चार दिन से बिजली की आपूर्ति ठप होने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। इसके साथ ही ज्यादातर क्षेत्र में पानी और गैस की सप्लाई भी नहीं हो पाई है। तीन दिन से इस जनजातीय क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ, जिससे ज्यादातर मार्ग बाधित हो गए थे। संचार व्यवस्था भी मौसम के बिगड़ते मिजाज के कारण प्रभावित हुई है।

शिमला, किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिले में हिमपात के बाद मंगलवार को मौसम साफ होने के बावजूद जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। परिवहन व्यवस्था बाधित होने से लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। राजधानी शिमला में सुबह मौसम साफ रहा और दिनभर अच्छी धूप खिली रही। बावजूद इसके ठंडी हवाओं ने धूप का मजा किरकिरा कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में प्रदेश में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की कमी हो सकती है। मंगलवार को जनजातीय क्षेत्र केलंग का तापमान लुढ़ककर -9.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे हिमाचल देश के मुख्य स्थानों से सबसे ठंडा राज्य बन गया है। जनजातीय जिलों में ठंड बढ़ने से पेयजल स्रोत भी जम गए हैं। ऐसे में लोगों पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में ज्यादा परिवर्तन नहीं आया है। हालांकि अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

22 तक साफ रहेगा मौसम

मौसम विभाग के निदेशक मनमोहन सिंह की मानें तो प्रदेश में 22 नवंबर तक मौसम साफ रहेगा। कोहरा अधिक जमने के कारण तापमान में गिरावट आएगी और ठिठुरन बढ़ेगी। हालांकि दिन के समय धूप खिलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने के आसार है।

कहां रहा कितना तापमान

शिमला 0.7 5.2

सुंदरनगर 1.5 9.3

भुंतर 0.2 4.7

कल्पा -3.8 0.2

धर्मशाला 3.8 11.8

ऊना 2.5 18.4

केलंग -9.6 3.6

पालमपुर 2.5 12.0

सोलन 2.5 13.5

मनाली -4.2 2.0

नाहन 3.3 15.7

मंडी 1.7 10.6

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