Home » State Special » छत्तीसगढ़ में बड़ा नक्सली हमला, 13 CRPF जवान शहीद

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने सीआरपीएफ पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। इसमें सीआरपीएफ के दो अधिकारियों समेत 13 जवानों की मौत हो गई। करीब एक दर्जन सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। 

हमला सोमवार सुबह 10:30 बजे उस समय हुआ, जब सीआरपीएफ की टुकड़ी बस्तर के घने जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाकर अपने कैंप लौट रही थी। जब जवान चिंतल गुफा एरिया में पहुंचे, तभी भारी तादाद में माओवादियों ने उन्हें घेर लिया और चारों ओर से गोलियां बरसाने लगे। नक्सलियों ने स्थानीय गांव वालों को आगे कर दिया। इससे सीआरपीएफ को जवाब देने में मुश्किलें आईं।



छत्तीसगढ़ के एडीजीपी (नक्सल अभियान) आर.के. बिज ने बताया कि हमले में सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट बी़ एस़ वर्मा और असिस्टेंट कमांडेंट राजेश शहीद हो गए। बाकी 11 जवानों की भी गोलियां लगने से मौत हुई। बिज ने बताया कि सभी जवान सीआरपीएफ की 223 बटालियन और 206 कोबरा बटालियन के थे। ये लोकल पुलिस के साथ एल्मागोड़ा और एर्राबोर क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से अभियान चला रहे थे।

बर्दाश्त नहीं करेंगे नक्सलियों की हरकत सीआरपीएफ जवानों पर नक्सली हमले की गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे सख्ती से निपटा जाएगा। सरकार हरसंभव कदम उठाएगी। राजनाथ जायजा लेने के लिए मंगलवार को सुकमा का दौरा करेंगे। गृह मंत्री से पूछा गया कि क्या झारखंड चुनाव में सुरक्षाबलों की व्यस्तता के कारण छत्तीसगढ़ में जवानों की कमी है? राजनाथ ने इसे खारिज करते हुए कहा कि पर्याप्त सुरक्षाबल मौजूद है। राजनाथ ने गृह सचिव, आईबी चीफ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सीआरपीएफ के डीजी से मामले की पूरी जानकारी ली। उन्होंने छत्तीसगढ़ के सीएम रमण सिंह से फोन पर बात की और स्थिति पर नजर रखने को कहा।



शिकंजा कसने से छटपटा रहे हैं नक्सली नक्सलियों का यह हमला छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह के उस बयान के दूसरे ही दिन हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह दिन दूर नहीं, जब छत्तीसगढ़ नक्सलियों से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलकर माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाए जाने के मद्देनजर यह बात कही थी। इसी दबाव के कारण पिछले कुछ महीनों में दर्जनों नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।



नक्सलियों के अभेद्य किले जैसा है सुकमा महज 14 साल पहले आस्तित्व में आए छोटे से राज्य छत्तीसगढ़ के दामन में देश के सबसे बड़े नक्सली हमलों के दाग लगे हैं। करीब 40 हजार वर्ग किलोमीटर इलाके में फैला बस्तर रीजन राज्य का सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाका है। चिंतल गुफा को नक्सलियों का बड़ा अड्डा माना जाता है। 



सुकमा में नक्सली कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुके हैं। 25 मई 2013 को नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर बड़ा हमला कर दिया था। उस हमले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नंद कुमार पटेल, नेता विपक्ष रहे और नक्सलियों के खिलाफ सलवा जुडूम मुहिम छेड़ने वाले महेंद्र कर्मा और पूर्व कांग्रेसी विधायक उदय मुदलियार समेत 27 लोगों की मौत हो गई थी।



इसके अलावा पिछले महीने ही नक्सलियों ने पुलिस दल और एयरफोर्स के एक हेलिकॉप्टर पर हमला कर दिया था। इसमें हेलिकॉप्टर के गनर और एक अफसर सहित सात जवान घायल हो गए थे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई और कुछ देर की मुठभेड़ के बाद नक्सली वहां से भाग निकले थे।

 

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