Home » National News » रिजर्व बैंक ने खोला नए दौर की बैंकिंग का दरवाजा

आरबीआई ने कई सेगमेंट्स के लिए अलग-अलग बैंकिंग लाइसेंस देने के नए दौर में कदम रखते हुए गुरुवार को पेमेंट बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक खोलने के आवेदन आमंत्रित किए। आरबीआई ने इस संबंध में नियम भी जारी किए। इन नियमों के तहत मोबाइल कंपनियां और सुपर-मार्केट चेंस भी लोगों और छोटे बिजनेस को सेवा देने के लिए बैंकिंग जगत में कदम रख सकेंगी।

गाइडलाइंस के मुताबिक, इन दो नई कैटेगरी में बैंक खोलने के लिए आवेदक के पास कम से कम 100 करोड़ रुपये की पूंजी होनी चाहिए। साथ ही, उसे बैंकिंग के लिए 'योग्य' होने की शर्त पर खरा उतरना होगा। पहले चरण में 16 जनवरी से पहले आवेदन किए जा सकेंगे। बाद में आरबीआई इसका सेकेंड राउंड भी शुरू कर सकता है।

मौजूदा एनबीएफसी और माइक्रो-फाइनेंस कंपनियों को स्मॉल फाइनेंसिंग बैंक खोलने का मौका मिलेगा। वहीं, सरकारी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों और प्राइवेट सेक्टर के बड़े इंडस्ट्रियल हाउसेज को इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी। पेमेंट बैंक कर्ज नहीं देंगे। सरकारी कंपनियों के पास पेमेंट बैंक खोलने का मौका होगा। ये बैंक डिपॉजिट लेने और पेमेंट ट्रांसफर का ही काम करेंगे। ऐसे बैंकों को शुरू में प्रति कस्टमर एक लाख रुपये का अधिकतम बैलेंस ही रखने की इजाजत होगी। उन्हें एटीएम/डेबिट कार्ड्स और अन्य प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट्स जारी करने की अनुमति तो होगी, लेकिन ये क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकेंगे। ये म्यूचुअल फंड्स और इंश्योरेंस प्रॉडक्ट्स जैसे फाइनेंशियल प्रॉडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूट कर सकेंगे। इनमें एनआरआई को खाते नहीं खोलने दिया जाएगा।

स्मॉल फाइनेंस बैंक डिपॉजिट लेने और छोटी बिजनेस यूनिट्स, छोटे किसानों, माइक्रो एंड स्मॉल इंडस्ट्रीज और असंगठित क्षेत्र की इकाइयों को कर्ज देने का काम करेंगे। मौजूदा एनबीएफसी, कॉरपोरेट बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट्स, मोबाइल टेलीफोन कंपनियों, सुपर-मार्केट चेंस, रियल सेक्टर को-ऑपरेटिव्स और कॉरपोरेट इकाइयों को पेमेंट बैंक खोलने के योग्य माना जाएगा। आरबीआई ने एक तरह से श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस और मुथूट फाइनेंस के लिए स्मॉल बैंक के लाइसेंस का रास्ता बंद कर दिया है।

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